रायबरेली। पीएम आवास देेने की जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद अब तक संबंधित सचिवों पर कार्रवाई का इंतजार है। मामले में डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर संबंधित सचिवों पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। इनमें से एक सचिव वर्तमान समय में एडीओ पंचायत डलमऊ के पद पर काम कर रहा है।
जिले में पीएम आवास देने में सचिवों ने खूब मनमानी की है। जांच के बाद कइयों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, लेकिन तमाम कर्मियों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। नोटिस के नाम पर मामले को दबा कर रखा गया है। सोमवार को डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर संबंधित पांच सचिवों पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने जगतपुर ब्लॉक के धूता गांव में तैनाती के दौरान पीएम आवास में मनमानी करने वाले सचिव प्रमोद कुमार पर कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
इसके अलावा रिटायर्ड सचिव मनोज कृष्ण तिवारी ने छतोह ब्लॉक के तारापुर में मनमाने तरीके से अपात्रों को पीएम आवास दिया था। वर्तमान में डलमऊ के एडीओ पंचायत व तत्कालीन सचिव कैलाशनाथ पटेल ने सतांव ब्लॉकों में अपात्रों को पीरएम आवास दिया था। सचिव शिखर शुक्ला ने महराजगंज ब्लॉक के पात्र का नाम सूची से उड़ाकर मनमानी की थी।
ऊंचाहार ब्लॉक के बभनपुर गांव में सचिव संजीव जायसवाल ने अपात्रों को पीएम आवास दिया था। संबंधितों पर कार्रवाई करके जवाब मांगा गया है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्रवाई के संबंध में डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है। जल्द ही कार्रवाई की रिपोर्ट आने के बाद उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा।