केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट रविवार को घोषित हुआ। डॉ. गीता शर्मा की बेटी व दयावती मोदी पब्लिक स्कूल की छात्रा निवेदिता शर्मा 97.40 अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनी। 95.80 अंकों के साथ लखनऊ पब्लिक स्कूल के रिदम कटियार दूसरे स्थान पर और 95.60 अंकों के साथ एसजेएस की शिवानी वर्मा जिले में तीसरे स्थान पर रहीं। रिजल्ट आने के बाद स्कूलों और घरों में खुशी की माहौल रहा। छात्र-छात्राएं खुशी से झूम रहे थे और एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का रविवार को जैसे ही रिजल्ट आया। बच्चों की खुशी और ही बढ़ गई। रिजल्ट को लेकर बच्चे काफी उत्सुक दिखे। सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले का नाम रोशन करने वाले होनहारों के सपने कम नहीं है। आईएएस तो कोई इंजीनियर बनकर न केवल देश की सेवा करेंगे, बल्कि परिवार और जिले को भी आगे बढ़ाना चाहता है। सभी के अंदर कुछ करने का सपना है।
जिला टॉपर निवेदिता शर्मा अपनी मां डॉ. गीता शर्मा और पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा की तरह डॉक्टर बनकर न सिर्फअपना कॅरिअर संवारना चाहती है। बल्कि पीड़ितों की सेवा करना चाहती है। उसका कहना है कि कड़ी मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लगन और परिश्रम बहुत जरूरी है। नियमित पढ़ाई करना ही सफलता की कुंजी है। पढ़ाई के साथ संस्कारवान बनना जरूरी है।
माता-पिता का आशीर्वाद व गुरुजनों का सम्मान और सहयोग सफलता का आधार है। वह संशिक्षा एकेडमी में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है और एआईआईएमएस व एनईईटी का एग्जाम दे चुकी है। निवेदिता का कहना है कि टाइमटेबल बनाकर पढ़ने और उस पर लगातार अमल करने से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है। घर में पढ़ाई के साथ नियमित स्कूल जाना, कक्षाएं अटेंड करना और पढ़ाए गए विषयों को रिवीजन करते रहना, आगे बढ़ने में मददगार साबित होता है। ऐसा करके कोई भी छात्र-छात्रा अव्वल स्थान हासिल कर सकता है।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 95.80 प्रतिशत अंक लाने पर रिदम कटियार काफी खुश है। कहा कि इंजीनियर बनने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। देश और समाज के तरक्की में इंजीनियर का काफी योगदान होता है। कोशिश रहेगी कि इंजीनियर बनने के बाद अपने देश में ही काम करे। शिक्षक पिता सतीश कटियार और गृहणी मां अनुराधा देवी काफी खुश हैं। कहते हैं कि बेटे को इंजीनियर बनाना उनका भी सपना है। इसे जरूर पूरा करेंगे।
सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में 96.4 प्रतिशत रिजल्ट रहा। जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर 2500 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इसमें से 96.4 प्रतिशत छात्र सफल रहे। जिले के 14 विद्यालयों के छात्रों के लिए चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें दो रायबरेली शहर और एक-एक लालगंज और ऊंचाहार में था। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार जिले का रिजल्ट 96.4 प्रतिशत रहा। वहीं परीक्षा परिणाम आने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले रहे। मेधावियों का कहना है कि मैथ, केमिस्ट्री, फिजिक्स का पेपर तो अच्छा हुआ, लेकिन अंग्रेजी और हिंदी में नंबर कैसे कम हो गए मालूम नहीं।