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Raebareli News: झाड़फूंक में गंवाए नौ घंटे, सर्पदंश से महिला की मौत

Sun, 20 Jul 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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सर्पदंश के बाद जिला अस्पताल में भर्ती की गई महिला।
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रायबरेली। जिले में शनिवार भोर चार बजे सर्पदंश का शिकार हुई महिला की मौत हो गई। झाड़फूंक कराने में धीरे-धीरे करीब नौ घंटे निकल गए। महिला की हालत बिगड़ती गई। उसे दोपहर 1.40 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
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हरचंदपुर थाना क्षेत्र के लालमणि गांव निवासी मोनी (35) पत्नी इंद्रेश शनिवार सुबह करीब चार बजे घर में झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर नहीं गए। दोपहर करीब एक बजे तक झाड़फूंक कराने में लगे रहे। हालत नाजुक होने पर 1.40 बजे महिला को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉ. अतुल पांडेय का कहना है कि महिला को अगर समय रहते ले आया जाता तो उसे बचाया जा सकता था।


79 रोगियों की जान बचाने में खर्च हुईं 285 वायल एएसवी
जुलाई माह में अब तक जिला अस्पताल में सर्पदंश के 79 लोगों को भर्ती कराया गया। इन मरीजों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 285 वायल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) खर्च की। किसी मरीज को दो तो किसी को 10 वायल तक एएसवी लगाई गई। जिला अस्पताल में रोजाना ने 15 से 20 वायल एएसवी की खपत है। स्टॉक में 1199 वायल एएसवी उपलब्ध होने का दावा है।
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मरीज को एक घंटे में अस्पताल पहुंचाएं
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीके बैसवार व डॉ. राधाकृष्ण का कहना है कि सर्पदंश के बाद बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल में एक घंटे के अंदर पहुंचाकर एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगवाएं। झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास सफाई रखें। बरसात का समय सर्पदंश के लिहाज से संवेदनशील होता है। मरीजों में जहर के हिसाब से एएसवी की डोज दी जाती है।


जिले में 3600 वॉयल एएसवी उपलब्ध
जिले में सर्पदंश के बाद मरीजों को लगने वाली एएसवी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा है। रहवां स्थित मुख्य दवा गोदाम में करीब 2000 वायल एएसवी रिवर्ज में रखी है, जबकि जिला अस्पताल में दवा भंडार में 1199 वायल एएसवी उपलब्ध है। सीएचसी स्तर पर भी 400 वायल से अधिक एएसवी होने का दावा है।


अस्पताल में सर्पदंश के बाद लगने वाला एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सर्पदंश के बाद जो मरीज समय से अस्पताल आ रहे हैं, उनकी जान बचाने का प्रयास किया जाता है।
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- डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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