अवैध कोयला भट्ठियों पर सोमवार को बुुल्डोजर गरजना शुरू हो गया। एक के बाद एक 10 अवैध कोयले की भट्ठियां ढहवा दी गईं। बिना लाइसेंस के ये भट्ठियां चल रही थी। हर माह भट्ठी मालिक लाखों रुपये का खेल कर रहे थे। ‘अमर उजाला’ ने खबर छापी तो अमेठी जिले के अफसरों ने इसे गंभीरता से लिया। नतीजा रहा कि भट्ठियां गिराई जानी लगीं। इसी तरह अन्य अवैध भट्ठियां ढहवा दी जाएंगी। एकबारगी कार्रवाई शुरू होने से भट्ठी संचालकों में हड़कंप मच गया है। कुछ लोगों ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे।
तिलोई रेंजर बीके सिंह ने सोमवार को शिवरतनगंज, मुसाफिरखाना, मोहनगंज थाना पुलिस के साथ अवैध कोयले की भट्टियां ढहवा दी। रेंजर के मुताबिक पूरे पलवार निवासी शकील अहमद की एक, गोलू कुरैशी की दो, तिलोई-सेमरौता रोड पर अरुण वाजपेयी की दो कोयला भट्ठियां, गोलूपुर निवासी सुरेंद्र पासी की दो, शिवरतनगंज निवासी कयूम अख्तर की एक और जहन का पुरवा गांव में दो कोयले की अवैध भट्ठियां ढहवा दी गई। रेंजर का कहना है कि जितनी भी अवैध कोयला भट्ठियां चल रही हैं, उन्हें ढहवा दिया जाएगा। किसी तरह की ढिलाई इस कार्य में नहीं बरती जाएगी।
मानक का प्रयोग न करने पर आठ कोयला भट्ठी मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। रेंजर बीके सिंह का कहना है कि जहीर कुरैशी, देशराज, दिलीप मिश्रा, रविंद्र वाजपेयी, रत्नेश कुमार, शकील अहमद निवासी सेमरौता, मुन्ना प्रधान और आरिफ निवासी शिवरतनंज लाइसेंस लेकर भट्ठी संचालित कर रहे हैं, लेकिन इनकी भट्ठियां मानक के अनुरूप नहीं है। इसलिए इन सभी लोगों को नोटिस जारी किया गया है।