इसका दंश मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले 20 हजार मुसाफिरों को झेलना पड़ता है। बावजूद इसके न तो एनएचएआई के अफसर ध्यान दे रहे हैं, तो न ही ट्रैफिक पुलिस ही अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई कर रही है।
बरगद चौराहे से लेकर मोटल चौराहे तक हाईवे के दोनों ओर सड़कों पर ट्रक और बसों को खड़ा कभी भी देखा जा सकता है। सड़क पर ही ट्रकों की मरम्मत की जाती है।
रही सही कसर सिविल लाइंस चौराहे पर खड़े होने वाले टैक्सी चालक पूरी कर देते हैं। इसके चलते हाईवे पर रह-रह कर जाम लगता है। हाईवे से गुजरने वाले 20 हजार राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
गोरा बाजार निवासी एसपी यादव, इंदिरा नगर के अरविंद पांडेय, बस्तेपुर के अवधेश मौर्या, मलिकमऊ के गया प्रसाद का कहना है कि सिविल लाइंस चौराहे पर ही दिनभर ट्रैफिक और सदर कोतवाली पुलिस के सिपाही रहते हैं।
बावजूद इसके अतिक्रमण करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा जाता। वहीं एनएचएआई के अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह हाल तब है जब इस रोड से हर दिन वीआईपी लोगों का आना जाना रहता है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक शिव शंकर ने कहा कि सिविल लाइन पर हाईवे पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने के लिए जिला प्रशासन से कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन नतीजा नहीं निकला।
सीओ ट्रैफिक अल्का धर्मराज का कहना है कि एनएच पर यदि कब्जा है तो एनएचएआई को ध्यान देना चाहिए। अब तक एनएचएआई की ओर से कोई पत्राचार नहीं हुआ। चुनाव बाद एनएचएआई के अफसरों के साथ बैठक की जाएगी।