रायबरेली। जिले के 35 हजार ऐसे लोग थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे। यह खुलासा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) से हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि 11 दिसंबर तक एसआईआर का कार्य पूरा हो जाएगा। इस कार्य के लिए बीएलओ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी तरह से निष्पक्ष हो, इसके लिए एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसआईआर कार्य में गूगल मैप की भी मदद ली जा रही है।
एसआईआर कार्य के लिए पहले अंतिम तिथि चार दिसंबर थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अब 11 दिसंबर कर दिया गया है। इससे एसआईआर का कार्य पूरा करने के लिए प्रशासन को और समय मिल गया है। हालांकि इसके बाद भी अफसरों का दावा है कि तेजी के साथ एसआईआर कार्य चल रहा था। अफसरों के मुताबिक, सलोन विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 72 फीसदी एसआईआर का कार्य हुआ है। इसके अलावा सदर में 62 फीसदी, ऊंचाहार में 68 फीसदी, बछरावां में 62 फीसदी, सरेनी में 65 फीसदी और हरचंदपुर विधानसभा में 63 फीसदी एसआईआर का कार्य हुआ है। गांवों में एसआईआर के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बीएलओ को गांव स्थित पंचायत भवन में रहकर एसआईआर कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
मतदाता सूची में नाम, पर लोग लापता
एसआईआर के दौरान पता चला कि शहर के आईटीआई फैक्टरी, पीएसी रोड, राजकीय कॉलोनी, भवानी पेपर मिल आदि ऐसे स्थान हैं, जहां पर रहने वाले 50 फीसदी से ज्यादा लोग गायब हैं। उनके नाम मतदाता सूची में तो हैं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इससे बीएलओ को एसआईआर कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अफसरों का दावा है कि इन स्थानों पर रहने वाले लोग कहीं अन्य स्थान पर बस गए हैं। हालांकि उनकी खोज कराई जा रही है। एसआईआर से यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ लोगों ने दो-दो जगहों पर स्थानों पर अपना नाम मतदाता सूची में डलवा रखे थे। ऐसे में इन लोगों के दो-दो स्थानों पर मताधिकार का प्रयोग करने की आशंका भी है।
जिले में समय रहते एसआईआर का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। 11 दिसंबर को एसआईआर से संबंधित सभी जानकारियों का खुलासा किया जाएगा। मतदाता सूची से 35 हजार मृतकों के नाम हटा दिए गए हैं। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि एसआईआर कार्य में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न होने पाए। इस कार्य में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन