छतोह ब्लॉक क्षेत्र के परैया नमकसार गांव में सोमवार को किसानों ने पंचायत लगाई। किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब एसडीएम ने मौके पर आकर ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया। गुस्साए किसानों ने न सिर्फ रोड जाम कर दी, बल्कि सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार को बंधक बना लिया।
पानी, बिजली, फसल नुकसान का मुआवजा न मिलने पर नाराजगी जताई। इस घटना से अफरातफरी मच गई। एक घंटे बाद नायब तहसीलदार के समझाने पर किसानों ने उन्हें मुक्त किया। इस दौरान रोड जाम होने से आवागमन ठप रहा। इससे मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसान कल्याण एसोसिएशन के बैनर तले किसानों ने परैया नमकसार गांव में पंचायत लगाई थी। सभी ने पिछले साल ओलावृष्टि से खराब हुई गेहूं की फसल का मुआवजा, विधवा, निशक्तों को पेंशन, नहरों की सफाई का मुद्दा उठाया।
इतना ही नहीं एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष अमृतलाल ने एसडीएम सलोन से फोन पर वार्ता करके मौके पर आने की बात कहीं। एसडीएम ने यह कहते हुए मौके पर आकर ज्ञापन लेने से मना कर दिया कि हम गांव-गांव ज्ञापन लेने नहीं आएंगे। इस पर किसान भड़क गए।
सभी ने नारेबाजी करते हुए छतोह-गांधी नगर मार्ग जाम कर दिया। इससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर सलोन नायब तहसीलदार रविकिशन मौके पर पहुंचे। समझाने का प्रयास किया, इस पर किसानों ने नायब तहसीलदार को बंधक बना लिया।
सभी ने कहा कि जब तक एसडीएम डीपी मिश्रा मौके पर नहीं आएंगे, तब तक हम लोग जाम नहीं खोलेंगे। एक घंटे बाद नायब तहसीलदार के समझाने पर किसान शांत हुए। उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया।
कहा कि बजट आने पर सबसे पहले परैया नमकसार के किसानों के खाते में मुआवजा भेजा जाएगा। इस मौके पर मुनेश्वर चौधरी, अमृतलाल, इब्राहिम, जगदीश उपाध्याय, सदाशिव पांडेय आदि मौजूद रहे।