रायबरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को रंजिश में दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। अस्पताल में लगे शीशे तोड़ दिए गए। बवाल के चलते इलाज कराने आए रोगियों में भगदड़ मच गई और स्टाफ सहम गया। तीन लोग घायल हुए है। सूचना पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या मौके पर पहुंचे। पुलिस नेे चार लोगों को हिरासत में लेकर उनका धारा-151 में चालान कर दिया।
शहर के नदी तीर किला बाजार निवासी फिरोज व आसिफ और नूर आलम किसी काम से जिला अस्पताल आए थे। सुबह 11.30 बजे अस्पताल स्थित पुलिस चौकी के पास फिरोज का मो. आसिफ व नूर आलम से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई है। सूचना पर कुछ ही देर में चौकी से सिपाही पहुंच गए।
तीनों युवकों को पकड़कर पुलिस मेडिकल करानेे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंची। तभी अस्पताल की इमरजेंसी कक्षा में दोनों पक्ष से कुछ और लोग आ गए। इन लोगों ने पुलिस के सामने ही मारपीट शुुरू कर दी। अस्पताल के शीशे तोड़ दिए गए। इससे इलाज कराने आए मरीज जान बचाकर भागे।
इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ.अतुल पांडेय ने घटना की जानकारी सीएमएस को दी। इस पर सीएमएस कई चिकित्सकों के साथ इमरजेंसी पहुंच गए। पुलिस फोर्स के आने पर लोग शांत हुुए, जबकि कई लोग मौके से भाग निकले। मारपीट में फिरोज, नूर आलम और मो. आसिफ गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों के सिर पर चोटें आईं है। घायल फिरोज का कहना था कि उसने नूर आलम और मो.आरिफ के खिलाफ फर्जी परेशान करने की शिकायत की थी। इसी के चलते उस पर हमला किया गया। दूसरे पक्ष ने भी नूर आलम पर मारपीट करने का आरोप लगाया।
सदर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पुरानी रंजिश में दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। अस्पताल में तोड़फोड़ की गई। प्रकरण में एक पक्ष से तीन भाइयों नूर आलम, आसिफ, मो. आलम और फिरोज खां को हिरासत में लेकर धारा 151 में चालान किया गया है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दो पक्षों ने मारपीट की और तोडफ़ोड़ की। पुलिस से आरोपियों से ही अस्पताल में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा गया है।
डॉ.महेंद्र मौर्या, जिला अस्पताल, सीएमएस