रायबरेली। भदोखर थाना क्षेत्र के देदानी गांव निवासी गोपीशंकर तिवारी (68) और उनकी पत्नी निर्मला तिवारी (65) की गुरुवार रात निर्मम हत्या कर दी गई। बुजुर्ग का रस्सी से गला घोंट दिया गया जबकि पत्नी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा गया।
हत्या के समय दोनों घर के बाहर सो रहे थे। जबकि उनका बेटा घर के अंदर सो रहा था। खबर पाकर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने घटनास्थल पर पड़ताल की। फॉरेंसिक टीम प्रभारी डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी ने भी पहुंचकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। दंपती का एक पुत्र होमगार्ड है और उसकी तैनाती एसपी कार्यालय में है। वारदात के समय वह चुनाव ड्यूटी के लिए चंदौली जिले गया हुआ था।
बेटे आशीष ने बताया कि माता-पिता खाना खाकर घर के बाहर सोने चले गए। शुक्रवार की सुबह जब नींद खुली तो देखा कि मां चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे।
जबकि पिता चारपाई से कुछ दूरी पर गाय बांधने वाले स्थान पर मृत अवस्था में पड़े थे। रस्सी से उनका गला कसा गया था। वहीं घटनास्थल के पास कुल्हाड़ी भी पड़ी थी। हत्या की खबर मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए।
सूचना पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने वारदात की जांच की। थानेदार ने बताया कि दंपती के बेटे आशीष तिवारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में पड़ताल कराई जा रही है।
घर की कुल्हाड़ी से ही किया गया वार
रिटायर्ड कर्मचारी की कुल्हाड़ी से ही पहले उसकी पत्नी की हत्या की गई। उसके बाद रिटायर्ड कर्मचारी को गला दबाकर मार दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गोपीशंकर अपने पास सोते समय कुल्हाड़ी जरूर रखते थे।
वह इस समय अस्वस्थ भी चल रहे थे। उन्हें इस बात का कभी अंदाजा नहीं था कि उनकी कुल्हाड़ी उनके और उनकी पत्नी के लिए काल बन जाएगी। घटना के बाद कुल्हाड़ी घर के बाहर पड़ी थी।
गला कसने के लिए खोली गाय की रस्सी
जिस रस्सी से गला दबाकर रिटायर्ड कर्मचारी को मारा गया, वह गाय के गले में बंधी थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हत्यारे कितने शातिर थे और उन्होंने पहले से ही वारदात को अंजाम देने की योजना बना ली थी। मृतक के दो बेटे मनीष व आशीष हैं। दोनों की शादी हो चुकी है।
दंपती की हत्या के मामले की एफआईआर दर्ज करा दी गई है। हत्या किसने और क्यों की, इस बारे में पड़ताल कराई जा रही है। जल्द ही डबल मर्डर का पर्दाफाश किया जाएगा।
श्लोक कुमार, एसपी