रायबरेली। यह तीन सीन बताने के लिए काफी हैं कि शहर का विकास कराने के लिए नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी कितने गंभीर हैं। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार सुबह नगर पालिका का मौका मुआयना किया तो न सिर्फ मनमानी उजागर हुई, बल्कि इसी माह दिए गए पालिकाध्यक्ष के आदेश ‘कि सुबह 10 बजे कोई अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर नहीं पहुंचेगा तो उसका वेतन रोका जाएगा’ का भी पालन होते नहीं दिखाई दिया।
मौका मुआयना में कुछ कर्मियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकारी-कर्मचारी सुबह के वक्त दफ्तर नहीं पहुंचे। कुर्सियां खाली पड़ी थी। दफ्तर खुले थे। लोक निर्माण विभाग में एई, जेई, प्रकाश विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारियों समेत ईओ बालमुकुंद मिश्राभी दफ्तर में मौजूद नहीं रहे। ऐेसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि लापरवाही का आलम यही रहेगा तो शहर का विकास कैसे होगा।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका के सफाई विभाग में बड़े बाबू से लेकर अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं, लेकिन सुबह 10 बजे भी कोई नहीं मिला। कक्ष का ताला जरूर खुला था और कुर्सियां खाली थी। यहीं पर स्थित स्वास्थ्य विभाग का कमोवेश यही हाल था। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक गायब थे।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका के प्रकाश विभाग में सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर भी ताला लटक रहा था। यहां पर यह बताने वाला कोई मौजूद नहीं था कि अधिकारी-कर्मचारी कब दफ्तर आएंगे। ईओ कार्यालय के पास स्थित कक्ष में भी कुर्सियां खाली पड़ी थी और कर्मचारी नदारद थे।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका के मुख्य कार्यालय में सुबह 10 : 13 बजे कुर्सियां खाली पड़ी थीं। यहां अधिकारी व कर्मचारी कब आएंगे, बताने वाला कोई नहीं था। पालिका कार्यालय के राजस्व विभाग के कक्ष में कर्मचारी तो काम करने के लिए पहुंच गए, लेकिन अधिकारी गायब थे।
नगर पालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे दफ्तर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय से कोई नहीं पहुंच रहा है तो उसका वेतन रोक दिया जाएगा। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता के तौर कराने के लिए सख्ती बरती जाएगी।- पूर्णिमा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष
सुबह के वक्त शहर का भ्रमण करने के बाद दफ्तर पहुंचकर अन्य कामकाज निपटाता हूं। गुरुवार सुबह भी नगर क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के बाद ऑफिस पहुंचा। मैंने भी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा है कि सभी समय से दफ्तर पहुंचे, ताकि विभागीय कार्य समय से हो सके।- बालमुकुंद मिश्रा, ईओ