रायबरेली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गेंगासो गंगा पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इससे न सिर्फ लोगों को जाम की समस्या से राहत मिली है, बल्कि वाहन चालकों को अब 20 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बुधवार रात जब आवागमन शुरू हुआ, तो वाहन चालकों में उत्साह देखने को मिला। एनएचएआई के कर्मचारियों ने नारियल फोड़कर यातायात शुरू कराया। करीब 10 माह बाद पुल से भारी वाहन फर्राटा भरते हुए निकले।
बांदा-बहराइच हाईवे पर गेंगासो के पास गंगा नदी पर पुल बना है। पुल जर्जर होने के कारण 10 माह से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके बाद 16 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। फतेहपुर की तरफ जाने वाले वाहनों का डायवर्जन लालगंज, मुराईबाग होते हुए किया जा रहा था। फतेहपुर की तरफ से आने वाले वाहन भी इसी रूट से आ रहे हैं।
भारी वाहनों के आवागमन से मुराईबाग की सड़कें ध्वस्त हो गईं। जाम की समस्या से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। गिट्टी, मौरंग लदे ट्रक और डंपरों ने सड़कों की दशा खराब कर दी। सबसे ज्यादा परेशानी मुराईबाग और डलमऊ के लोगों को होती थी। पूरा दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा था।
27 जून से चलने लगे थे छोटे वाहन
गेंगासो गंगा नदी पर बने जर्जर पुल की मरम्मत का काम भले 15 दिन पहले पूरा हो गया था, लेकिन इसकी तकनीकी जांच होनी बाकी थी। यही वजह है कि इससे भारी वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका। 27 जून से छोटे वाहन तो पुल से निकल रहे हैं, लेकिन भारी वाहनों को लालगंज, मुराईबाग होते हुए निकाला जा रहे थे। नई दिल्ली की टीम ने जांच की। जांच के बाद सबकुछ ठीक मिलने के बाद भारी वाहन निकालने के लिए हरी झंडी मिल गई।
जाम से मिलेगी राहत, अब दुरुस्त कराई जाए सड़क
डलमऊ के व्यापारी रामशंकर दुबे, आशीष तिवारी, विपिन यादव ने कहा कि गेंगासो गंगा पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू होने से जाम की समस्या से राहत मिलेगी। कई महीने से कारोबार चौपट हो रहा था। मुराईबाग से गंगा पुल तक सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सभी ने बदहाल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
गेंगासो गंगा पुल मरम्मत के बाद निकलते भारी वाहन।