रायबरेली। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किए जाने के विरोध में संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को जिले भर के पॉवर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों व अभियंताओं ने कामकाज ठप कर दिया है। बेमियादी कार्य बहिष्कार के पहले दिन सभी गोराबाजार में एकजुट हुए।
किसान, व्यापारी, छात्र संगठन व ऑटो मोबाइल यूनियन समेत कई संगठनों के पदाधिकारी भी निजीकरण के विरोध में समर्थन दिया। वहीं किसी प्रकार का उपद्रव व हंगामा जैसी नौबत न आए। इसके लिए पुलिस तैनात रही। इसके चलते सभी ने निजीकरण का विरोध करते हुए शांतिपूर्वक धरना देकर अपनी मांग को उठाया।
अभियंता व कर्मचारी 25 सितंबर से निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर सोमवार से बेमियादी कार्य बहिष्कार करते हुए कामकाज ठप कर दिया। सभी ने भाजपा सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।
ट्रेड यूनियन के संयोजक विजय विद्रोही ने कहा कि निजीकरण करके सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाह रही है। निजीकरण का निर्णय छात्र, व्यापार और राष्ट्र विरोधी है।
भाकियू के तहसील अध्यक्ष प्रमोद पटेल ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लेगी तो किसानों के साथ सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। ऑटो मोबाइल यूनियन के राममोहन श्रीवास्तव ने पावर कॉर्पोरेशन के निजीकरण का न सिर्फ विरोध किया, बल्कि लड़ाई में भरपूर सहयोग का एलान किया।
संघर्ष समिति के संरक्षक आर आर सिंह ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सौरभ प्रजापति, सह संयोजक जय प्रकाश पटेल ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी, किसान, छात्र एवं व्यापारी लामबंद है।
सरकार को निजीकरण का निर्णय वापस लेना चाहिए। इस मौके पर अजय, वीरेंद्र कुमार अहिरवार, सुनील कुशवाहा, स्वप्निल गुप्ता, शंभूनाथ, एसपी यादव, सौरभ यादव, अमित भारती, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
वहीं लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के विद्युत वितरण खंड द्वितीय व विद्युत वितरण उपखंड के कर्मचारियों ने सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।
निजीकरण के विरोध में गोराबाजार में चल रहे धरने से बड़े साहब गायब रहे। धरने में ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन ओपी सिंह, सलोन के महेश कुमार अहिरवार, ऊंचाहार के दिलीप कुमार मौर्य, डलमऊ के धीरेंद्र कुमार, द्वितीय के घनश्याम, महराजगंज के जय सिंह, लालगंज के दीपक कुमार के अलावा टेस्ट डिवीजन के रामबरन और धर्मराज धरने से गायब रहे।
यही नहीं दोनों अधीक्षण अभियंता विकास कपूर और रविंद्र कुमार गायब रहे। इन अधिकारियों के गायब रहने से साथी अभियंताओं में नाराजगी रही। संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर सौरभ प्रजापति ने बताया कि कार्य बहिष्कार में सभी अभियंताओं व कर्मचारियों को सामूहिक रूप से शामिल होना है, लेकिन अखिलेश कुमार के अलावा अन्य अभियंता नहीं शामिल हुए। इसकी शिकायत संघर्ष समिति के प्रांतीय पदाधिकारियों से की जाएगी।