बछरावां क्षेत्र के सहगों गांव में बना पानी से कचड़ा निकालने के लिए ड्रेन।
रायबरेली। पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा मुक्त तालाब बनाए जाएंगे। जिले में 100 मॉडल तालाब विकसित करने का लक्ष्य मिला है। शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले में सर्वे का काम शुरू हो गया है। तालाबों का सौंदर्यीकरण करके पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर को भी सुधारा जाएगा।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट के साथ प्लास्टिक की अधिक मात्रा नालियों के पानी को रोके रखती हैं। इससे तालाबों में पहुंचने पानी अधिक दूषित हो जाता है। कूड़े-कचरे की अधिकता के कारण तालाबों में बाॅयोकेमिकल आक्सीजन डिमांड व केमिकल ऑक्सीजन डिमांड बहुत अधिक हो गई है। इससे तालाबों में जलीय जीवन पूर्णता समाप्त हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर व प्लास्टिक प्रबंधन योजना के तहत माॅडल तालाब बनाने का निर्णय लिया गया है।
जिले में पांच हजार की आबादी वाली 100 ग्राम पंचायतों के ऐसे तालाबों को विकसित किया जाना है। जिले में ऐसे तालाब बनाने के लिए सर्वे का काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कराकर काम शुरू कराया जाएगा। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि जिले में 100 तालाब विकसित करने का लक्ष्य मिला है। सर्वे का काम शुरू करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नालियों में फिल्टर चैंबर एवं वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड से पूर्व जाली लगवाकर ठोस कचरा पहले ही अलग कर लिया जाएगा। इससे तालाबों में फिल्टर होकर साफ पानी पहुंचेगा।