फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लीचिंग पाउडर व मैलाथियान के बगल में कबाड़ की तरह रखी फाइलेरिया का दवाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जिले के लोगों को फाइलेरिया से बचाने के लिए 25 नवंबर से शुरू होने वाले अभियान के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। चिन्हित 25 लाख लोगों को खिलाने के लिए मंगवाई गई दवा को उस गोदाम में रख दिया गया जहां ब्लीचिंग पाउडर व मैलाथियान की बोरियां रखी हैं।
विज्ञापन

यही नहीं अल्बेंडाजॉल की टैबलेट के डिब्बे खुले में ही पड़े हैं। इस गोदाम में रखी फाइलेरिया व अल्बेंडाजॉल टैबलेट को ही लोगों को खिलाया जाना है। विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही से जिले के लोगों को नुकसान हो सकता है, लेकिन विभाग के अफसर इस चूक को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं हैं।
हर साल की तरह इस साल भी करीब 25 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए चिन्हित किया गया है। यह अभियान 25 नवंबर से शुरू होना है। घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलानी है। इसके लिए टीमों का गठन किया गया है। खास बात यह कि लोगों को खिलाने के लिए मंगवाई गई फाइलेरिया की दवा के साथ ही अल्बेंडाजॉल टैबलेट को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखवाया गया है।
विज्ञापन

जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में ब्लीचिंग की रखी बोरियों और मैलाथियान के रखे ड्रमों के बगल में रखवाया गया है। अल्बेंडाजॉल टैबलेट की शीशियां ब्लीचिंग के ऊपर खुले में पड़ी हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी तनिक भी संजीदा नहीं है।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. नागेंद्र प्रसाद व जिला मलेरिया अधिकारी रितू श्रीवास्तव इसी गोदाम के बगल से दफ्तर में आते-जाते हैं, लेकिन उन्होंने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। प्रचार-प्रसार के नाम पर भी खानापूरी की गई है।
जानकारी होते ही भड़के सीएमओ, हटवायी टैबलेट
नोडल अधिकारी व मलेरिया अधिकारी की लापरवाही की जानकारी होते ही सीएमओ ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने तुरंत ही नोडल अधिकारी को तलब करके जवाब मांगा। साथ ही फाइलेरिया व अल्बेंडाजॉल टैबलेट को तत्काल ब्लीचिंग पाउडर व मैलाथियान के गोदाम से हटाने के आदेश दिए। साथ ही दोबारा लापरवाही करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सील पैक हैं शीशियां, नहीं पड़ेगा ब्लीचिंग का असर : डॉ. नागेंद्र
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. नागेंद्र प्रसाद का कहना है कि दो दिन पहले ही फाइलेरिया व अल्बेंडाजॉल टैबलेट आई हैं। उन्हें सीएचसी व पीएचसी पर भेजवाया जा रहा है। गोदाम में अल्बेंडाजॉल टैबलेट पर ब्लीचिंग का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि शीशियां सील पैक हैं। ब्लीचिंग व मैलाथियान की दवाओं पर कोई इंफेक्शन नहीं होगा। दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
ब्लीचिंग पाउडर व मैलाथियान रखे गोदाम में फाइलेरिया व अल्बेंडाजॉल टैबलेट रखे होने की जानकारी होते हुए तत्काल हटवाकर बाहर रखवा दिया गया है। साथ ही नोडल अधिकारी को इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभियान को लेकर किसी तरह से लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

-डॉ. शरद कुमार वर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें