रोहनियां (रायबरेली)। सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। शुक्रवार रात रोहनिया माइनर के उफनाने से किसानों की 500 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। फसल को सड़ने से बचाने के लिए किसान पानी बाहर निकालने के लिए मशक्कत कर रहे हैं।
शारदा सहायक नहर से निकली माइनर बकुलाही ड्रेन में गिरती है। माइनर में पानी के बहाव को रोकने के लिए बना लोहे का गेट काफी समय से खराब है। क्षेत्रीय किसानों की शिकायत के बाद भी खराब गेट को सही नहीं कराया गया। रोहनिया कस्बे के किसान अभिषेक पुष्पाकर, रामआधार, सुंदरलाल, तीरथ, विमला, अवधेश, परशुराम, राजेश, राजाराम, जगपाता, दयाशंकर, राधेश्याम, तुलसी व रेनू ने बताया कि शनिवार सुबह खेत पहुंचे तो देखा कि पानी गेहूं की फसल में भर गया।
यह विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से हुआ है। अक्सर माइनर उफनाने के कारण फसल खराब हो जाती है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल बचाने के लिए पंपिंग सेट, तसला व बाल्टी की मदद से खेत से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता राहुल यादव ने बताया कि माइनर में अधिक पानी आने की सूचना मिलते ही पानी को बंद करवा दिया गया है। खराब गेट को सही कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
बारिश हुई तो सरसों के फूल गिरने की आशंका
रायबरेली। कड़ाके की ठंड का असर कम हो गया है। आसमान में बदली छाने से बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सरसों और आलू की फसल करने वाले किसान मौसम के मिजाज को देखकर परेशान हैं। यदि बारिश हुई तो सरसों के फूल गिर जाएंगे और उसके बाद धूप निकलने पर माहू रोग लगने की आशंका है।
शनिवार को मौसम बदला नजर आया। सुबह धुंध और बदली छाई रही। इसके बाद धूप निकली, लेकिन तेजी नहीं महसूस की गई। शाम को बदली छाने से बारिश की संभावना हुई। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। किसानों ने बदले मौसम को देखकर फसलों में कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू कर दिया है।
शनिवार को अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री रहा तो न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा। यह औसत से 6.6 डिग्री अधिक रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि न्यूनतम तापमान औसत से अधिक है। इस कारण हवा का दबाव कम हो गया है। इससे बारिश होने की संभावना है।