डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र में मधुकरपुर गांव के पास नरेंद्रपुर माइनर कटने से शुक्रवार की रात 50 बीघे धान की फसल डूब गई, जबकि तेज बहाव के कारण 10 बीघे फसल बह गई।
इतना ही नहीं माइनर के पानी से उफनाए एक तालाब की मछलियां बह गईं। किसानों का हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। सुबह जानकारी हुई तो किसानों में हड़कंप मच गया। सूचना के बावजूद सिंचाई कर्मियों के मौके पर न पहुंचने से किसानों में जबरदस्त नाराजगी है।
मधुकरपुर गांव के पास रात में अचानक नरेंद्रपुर माइनर कट गई। सुबह किसान खेत पहुंचे, तो चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी दिख रहा था। किसान जगन्नाथ, सुशील कुमार, बैजनाथ, कृष्ण कुमार, अशोक, राजाराम ने बताया कि माइनर के पानी से करीब 50 बीघे रोपी गई धान की फसल डूब गई।
10 बीघे बह गई। किसानों का लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। यही नहीं पानी गांव तक पहुंचा तो तालाब उफना गया। इस तालाब को प्रशासन की ओर से गांव के सत्यनारायण को मत्स्य पालन के लिए दिया गया है।
सत्य नारायण ने बताया कि तालाब में करीब एक लाख रुपये कीमत की मछलियां डाली गईं थीं। तालाब के उफनाने से सारी मछलियां बह गईं। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में नाराजगी है।
यदि पानी नहीं रोका गया तो किसानों की फसलें सड़ जाएगी। सिंचाई विभाग के जेई राजपाल वर्मा का कहना है कि माइनर कटने की जानकारी नहीं मिली है। कर्मचारियों को भेजकर उसे बंधवाया जाएगा।