खीरों (रायबरेली)। शारदा सहायक नहर से निकली खीरों माइनर की पटरी गुरुवार को तड़के कट गई। इससे सूरजबली खेड़ा, कुम्हारन खेड़ा आदि गांवों के किसानों की करीब 100 बीघे गेहूं की फल जलमग्न हो गई। माइनर के कटने क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
किसानों ने नहर पटरी कट जाने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने पर गहरा आक्रोश है। किसानों ने किसी तरह पटरी को बांधने का प्रयास किया है। हालांकि जल्द ही खेतों से पानी न निकल गया तो किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
शारदा सहायक पुरवा ब्रांच से निकली खीरों माइनर में सूरजबली खेड़ा, कुम्हारन खेड़ा गांव के पास पटरी कट जाने से नहर का पानी खेतों में भर गया। किसानों ने इसकी सूचना नहर विभाग के अधिकारियों को दिया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
प्रधान हरिमिलन साहू, किसान रन बहादुर सिंह, प्रेमशंकर, रामनरेश यादव व तारावती ने बताया कि बुधवार को नहर में पानी तेज आ गया, जिसके चलते पटरी काफी कट गई। नहर का पानी खेतों में भरने के बाद सूरजबली खेड़ा गांव के किनारे घरों में पहुंचा। पानी नउवा की तलिया होते हुए जैनापुर गांव के बीच के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में पहुंच गया।
पटरी कटने से सूरजबली खेड़ा, जैनापुर व शिवपाल सिंह खेड़ा गांव के बीच करीब 100 बीघे गेहूं की फसल डूब गई। सूचना के बाद भी किसी के न पहुंचने पर किसानों में गहरी नाराजगी है। नाराज किसानों ने स्वयं पटरी बांधना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि एक माह पूर्व नहर की सिल्ट सफाई की गयी है।
माइनर की सफाई में मनमानी किए जाने के कारण ही माइनर कटी है। इसका खामियाजा किसानों को भोगना पड़ रहा है। इस संबंध में अवर अभियंता शारदा सहायक पुरवा ब्रांच उन्नाव रामेंद्र साहू ने बताया कि पटरी के कटने की सूचना नहीं है। तत्काल कर्मचारियों को भेज कर इसे बंधवाया जाएगा।