रायबरेली। अवैध परिवहन की जांच करने पहुंची खनन निदेशालय की टीम को बुधवार को खनन माफिया और लोकेटरों ने दौड़ा लिया। टीम में शामिल अफसर जान बचाकर भागे। शिकायत पर डीएम ने खनन अधिकारी को मामले में कार्रवाई कराने के आदेश दिए हैं। लालगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
खनन निदेशालय की दो सदस्यीय टीम सहायक रसायनज्ञ हवलदार यादव के नेतृत्व में लालगंज क्षेत्र में अवैध परिवहन की जांच करने बुधवार सुबह 10 बजे पहुंची। टीम बाल्हेमऊ के पास गिट्टी, मौरंग लदे वाहनों की चेकिंग करने लगी।
इस पर करीब 10 से 15 गाड़ियों से खनन माफिया व लोकेटर मौके पर पहुंचे व टीम के सदस्यों को धमकाने लगे। विरोध करने पर लाठी-डंडे लेकर टीम को दौड़ा लिया। किसी तरह टीम के सदस्यों ने भागकर जान बचाई।
टीम के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम सरनीत कौर ब्रोका से मिले व प्रकरण से अवगत कराया। डीएम ने खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा को मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। देर शाम खनन अधिकारी ने लालगंज कोतवाली पहुंचकर खनन माफिया व लोकेटेरों के खिलाफ तहरीर दी।
खनन अधिकारी ने बताया कि खनन निदेशालय की टीम को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहन चल रहे हैं। अवैध परिवहन का भी कार्य हो रहा है। वाहनों की जांच करने पहुंचे थे, उसी दौरान यह घटना हुई। मामले की तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई कराई जाएगी।
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पांच लोकेटरों के खिलाफ एफआईआर
अवैध परिवहन की जांच करने वाली टीम की लोकेशन देने वाले सरेनी क्षेत्र निवासी लोकेटर अनिल, अंशु शुभम, शैलेंद्र और इमरान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा ने डलमऊ कोतवाली में दर्ज कराई है। खनन अधिकारी के मुताबिक ऊंचाहार-डलमऊ, डलमऊ-लालगंज और मुंशीगंज-डलमऊ मार्गों पर प्रतिदिन जांच की जाती है। लोकेटर उनकी लोकेशन साझा करते हैं। इससे ओवरलोड और बिना प्रपत्र वाले वाहन अवैध परिवहन करते हैं। यह मिलीभगत अपराध को बढ़ावा दे रही है। साथ ही राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। कई अन्य वाहनों पर दो या दो से अधिक चालान लंबित हैं। ये वाहन फतेहपुर-डलमऊ मार्ग से प्रतिदिन अवैध परिवहन करते हैं। इन वाहन स्वामियों और लोकेटरों ने खान एवं खनिज अधिनियम-1957 का उल्लंघन किया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।