शासन के खेत-तालाब बनाने का आदेश खंड विकास अधिकारियों के ठेंगे पर है। आदेश के दो महीने बाद भी जिले के ब्लॉकों में एक भी नए तालाब की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा 138 ग्राम पंचायतों में मनरेगा ठप होने पर सीडीओ ने सभी 18 खंड विकास अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। साथ ही शासन की मंशा के अनुरूप काम कराने के आदेश दिए हैं।
दो महीने पहले शासन ने आदेश दिए कि जिन ग्रामीणों को पट्टे में जमीन मिली है, उनके पट्टे की जमीन को खेत लायक बनाया जाए। साथ ही तालाबों की व्यवस्था भी की जाए। दो महीने से जिले में प्रगति शून्य पर अटकी है। किसी भी ब्लॉक के बीडीओ ने आदेश का अनुपालन नहीं किया है।
समीक्षा में पाया गया कि खीरों में 29, सरेनी में 25, हरचंदपुर में 13, छतोह में 11, शिवगढ़ में 10, सतांव, लालगंज राही में सात-सात, डीह में छह, जगतपुर में पांच, अमावां में चार, गौरा व रोहनियां में तीन-तीन, डलमऊ, महराजगंज, ऊंचाहार में दो-दो और बछरावां व सलोन में एक-एक गांवों में नए वित्तीय वर्ष में मनरेगा का काम शुरू नहीं हो सका है। मामले में सीडीओ ने गंभीर रुख अपनाते हुए सभी 18 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस दी है।
सीडीओ ने आदेश का अनुपालन कराते हुए सभी गांवों में मनरेगा का काम शुरू कराने का आदेश दिया है। सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बीडीओ को पत्र जारी किया गया है। इसके बाद भी लापरवाही करने वाले बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।