यह अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। बाजारों में चहल पहल कम देखी गई।
एक तरफ सर्दी बढ़ रही है, वहीं कहीं पर भी प्रशासन की ओर अलाव नहीं जलवाए गए। सोमवार को सर्दी से लोग बेहाल नजर आए। दिन में भी गलन होने से लोग ठिठुरते नजर आए।
शाम होते ही लोग घरों में कैद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस था। लेकिन सोमवार को न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया।
सर्दी के कारण सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज, बस स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर चहल-पहल कम नजर आई। सर्दी का यही हाल रहा तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ती जाएंगी। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कहीं पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल कहते हैं कि सर्दी बच्चों के साथ ही बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। सर्दी के कारण बच्चे निमोनिया, दस्त से पीड़ित हो सकते हैं।
बुजुर्ग भी सर्दी, खांसी, बुखार के चपेट में आ सकते हैं। यही नहीं बुजुर्गों को सांस की दिक्कत हो सकती है। साथ ही हार्टअटैक का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी से बचने की जरूरत है।
इसलिए जरूरी है कि गर्म कपड़े पहनें। घर से निकलते समय कान बंद रखें। फुल कपड़े पहनें। थोड़ी लापरवाही परेशानी का सबब बन सकती है।