रायबरेली। जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक 38 माह बाद होने वाली है। बैठक की तारीख तय करने के लिए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने अमेठी की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र भेजा है। दिशा की चेयरपर्सन होने के कारण ईरानी की तारीख तय करेंगी। हालांकि जिला स्तर पर बैठक के लिए तैयारियों को पूरा करवा दिया गया है।
वर्ष 2019 में केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद ग्राम्य विकास मंत्रालय को जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तय करने में दो साल लग गए।
मंत्रालय ने सांसद के रूप में दिशा की चेयरपर्सन रहीं सोनिया गांधी को हटाकर अमेठी से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अमेठी के साथ ही रायबरेली का भी दिशा का चेयरपर्सन बनाया गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के बाद अब दिशा की बैठक होने की उम्मीद बढ़ गई है।
जिले में 18 अप्रैल 2018 के बाद दिशा की बैठक नहीं हुई। हालांकि सांसद सोनिया गांधी जिले में कई बार आईं, लेकिन दिशा की बैठक हर बार निरस्त कर दी गई। नवंबर 2018 और 24 जनवरी 2019 को कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया था।
इसके बाद नई सरकार में दिशा का गठन न होने के कारण केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा नहीं हो सकी। वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में बैठक करवाने के लिए डीएम ने केंद्रीय मंत्री व दिशा की अध्यक्ष स्मृति ईरानी को पत्र भेजा है। तारीख तय होते ही बैठक कराई जाएगी। हालांकि जिले स्तर पर दिशा की बैठक को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
बदहाल केंद्रीय योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
जिले में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति खराब हो गई है। हालांकि दिशा की बैठक में हर तीसरे महीने समीक्षा होती थी, लेकिन तीन साल से बैठक न होने के कारण समीक्षा नहीं हो पा रही है। खासकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में इस बार दिशा की बैठक होगी। ऐसी दशा में केंद्रीय योजनाओं को रफ्तार मिलने की ज्यादा उम्मीद है, लेकिन केंद्रीय मंत्री होने के नाते स्मृति ईरानी भारत सरकार से योजनाओं के संचालन के लिए प्रभारी कार्रवाई करवा सकती है।
जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) की चेयरपर्सन, अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिशा को डीएम की ओर से पत्र भेजा गया है। तारीख तय होते ही बैठक होगी। दिशा की बैठक के लिए जिले स्तर पर तैयारियां पूरी कराई जा चुकी है। बैठक के लिए बुकलेट भी तैयार हो चुकी है।
प्रेमचंद्र पटेल, परियोजना निदेशक डीआरडीए