रायबरेली। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को जिला अस्पताल चौराहा स्थित दो मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया। इस दौरान खुलासा हुआ कि बिना फार्मासिस्ट के ही दवाओं की बिक्री की जा रही है। दवाओं का क्रय-विक्रय भी नहीं मिला। इस पर दोनों मेडिकल स्टोरों पर शेडयूल दवाओं के क्रय विक्रय पर रोक लगा दी गई। साथ ही संदिग्ध पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए।
सहायक आयुक्त औषधि मनोज कुमार, औषधि निरीक्षक रायबरेली अजय कुमार संतोषी ने सबसे पहले जिला अस्पताल चौराहा स्थित संतोष मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। अचानक छापा मारने पर हड़कंप मच गया। इस दौरान कई दवाओं के कैश मेमो नहीं मिले। साथ ही दवाओं की क्रय-विक्रय बिल भी नहीं मिले।
दवा बिक्री के दौरान मौके पर फार्मासिस्ट भी नहीं मिला। अफसरों की ने संदेह होने पर तीन दवाओं के नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा। मेडिकल स्टोर पर मौजूद पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष पांडेय से अफसरों ने पूछताछ की।
अफसरों ने फार्मासिस्ट न होने पर निर्देश दिए कि जब तक कार्यालय में फार्मासिस्ट का भौतिक सत्यापन नहीं कराते, तब तक शेडयूल दवाओं की क्रय-विक्रय पर रोक रहेगी।
यहीं पर संतोष मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां पर दवाओं का क्रय विक्रय नहीं पाया गया। दवाओं की बिक्री केश मेमो पर नहीं होती पाई गई। यहां पर दो संदिग्ध दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा।
शेडयूल दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जिले में दवाओं की बिक्री मनमाने ढंग से नहीं होने दी जाएगी। शिकायत मिली तो सीधे तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश पर दो मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया। कई कमियां मिली। फार्मासिस्ट तक नहीं मिले। शेडयूल दवाओं के क्रय विक्रय पर रोक लगाई गई है। साथ ही कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त औषधि को लिखापढ़ी की गई है।