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जुलाई में हर बच्चे के खाते में भेजी जाएगी कन्वर्जन कास्ट

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रायबरेली। जिले में लगभग पौने तीन लाख बच्चों में 19 करोड़ से अधिक धनराशि का वितरण किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को 685 रुपये तो उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को 923 रुपये मिलेंगे।
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यह धनराशि कन्वर्जन कास्ट के रूप में विद्यालयों को उपलब्ध करा दी गई है, जिसे जुलाई में स्कूल खुलते ही बच्चों या उनके अभिभावकों के खातों में भेजा जाएगा।
जिले में मध्याह्न भोजन योजना के तहत लगभग 2.71 लाख बच्चे जुड़े हुए हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद थे। इस वजह से मध्याह्न भोजन भी नहीं बन सका।
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इसी वजह से मध्याह्न भोजन की कन्वर्जन कास्ट बच्चों को देने का निर्णय लिया गया। शैक्षिक सत्र 2020-21 में छात्र-छात्राओं या उनके अभिभावकों के खातों में पहले चरण में लॉकडाउन और ग्रीष्मावकाश अवधि के 76 दिनों की कन्वर्जन कास्ट दी गई।
इसके तहत 10.50 करोड़ रुपये का वितरण किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में 49 दिनों के लिए कन्वर्जन कास्ट वितरण करने का निर्देश मिला। इस पर 7.86 करोड़ रुपये की धनराशि बच्चों या उनके अभिभावकों के खातों में भेज दी गई।
तीसरे चरण में कन्वर्जन कास्ट के लिए बजट मिला तो 19.40 करोड़ रुपये विद्यालयों को भेज दिया गया है। विद्यालय बंद होने से अध्यापक स्कूल नहीं जा रहे हैं, जिससे यह धनराशि बच्चों को नहीं बांटी जा सकी है।
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को 1 सितंबर से 28 फरवरी तक 138 दिनों के लिए 685 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को 1 सितंबर से 10 फरवरी तक 124 दिनों के लिए 923 रुपये मिलेंगे।
जुलाई में स्कूल खुलते ही बच्चों को कन्वर्जन कास्ट की धनराशि भेज दी जाएगी। वर्तमान शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए अभी कोई बजट नहीं मिला है।
कन्वर्जन कास्ट के साथ खाद्यान्न भी दिया गया
मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े बच्चों को स्कूल बंद होने की स्थिति में भले ही पका पकाया खाना नहीं मिल सका, लेकिन इसके बदले खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट दी गई।
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि विद्यालयों से मिले प्राधिकार पत्र के बाद कोटेदारों से बच्चों या उनके अभिभावकों को निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल दिया गया है। कन्वर्जन कास्ट के रूप में 37.76 करोड़ रुपये दिए गए हैं। फरवरी और मार्च में स्कूल खुले तो भोजन बना था। इसके लिए अलग से कन्वर्जन कास्ट विद्यालयों को दी गई थी।
कन्वर्जन कास्ट की धनराशि बच्चों को देने में कोई देरी नहीं की गई। जैसे ही बजट मिला, उसे बांट दिया गया। जो धनराशि अभी नहीं भेजी जा सकी है, उसे पहली जुलाई से स्कूल खुलते ही भेज दिया जाएगा।
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-आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए
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