रायबरेली। नसीराबाद के उत्तरी पाठक मजरे बिरनावां गांव निवासी मौलाना मुर्तजा की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बेटी इशरत जहां ने पिता की गोली मारकर हत्या किए जाने की बात कही थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौलाना की हत्या गोली मारकर किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मौलाना की हत्या धारदार हथियार के हमले से हुई। उनके सिर व चेहरे पर गंभीर घाव भी मिले। यह घाव किसी धारदार हथियार के कारण हुए थे।
उधर मुर्तजा की हत्या के मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया है। इसके साथ ही डीह थाना और सीओ सलोन की टीम भी आरोपियों की खोज में जुटी हैं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। शुक्रवार सुबह मौलाना मुर्तजा अपने बेटे मो. सोफियान के साथ बड़ी बेटी इशरतजहां की ससुराल सरदार का पुरवा मजरे रोखा गांव आए थे। शाम को वापस लौटते समय सीएचसी डीह स्थित नहर के पास पहले से घात लगाए बैठे छह हमलावरों ने मौलाना को दौड़ा लिया था।
मुर्तजा की बेटी इशरतजहां के अनुसार आरोपी नईम ने उनके पिता की गोली मारकर हत्या की थी। मामले में मो. अयूब, मो. नईम, जब्बार, मो. मुर्तजा, मो. जुबैर, मो. रफीक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले में जांच कर हत्या की वजह तलाश रही है।
वर्ष 2006 से अयूब व मुर्तजा में थी दुश्मनी
दिनदहाड़े हुए हत्याकांड से गांव में दहशत है। लोग मो. अयूब और मौलाना मुर्तजा के बीच पुरानी रंजिश को ही हत्याकांड की मुख्य कारण बता रहे है। दोनों के बीच रंजिश की शुरूआत वर्ष वर्ष 2006 से हुई थी। एक मामले में मो. अयूब को पुलिस ने असलहा के साथ पकड़ा था। इस पर मो. अयूब को शक था की मुर्तजा ने ही इसकी मुखबिरी की थी। 25 साल पहले भी दोनों में एक विवाद हुआ था।
परिवार पर पसरा मातम
मौलाना की हत्या से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी आसरून बानो शनिवार को भी रोती रही। बेटी इशरतजहां, नौरसबानो (12), सूफिया (11) बेटा मो. सूफियान (17), फैजान (9) भी पिता की हत्या से गमगीन रहे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। उधर आरोपी घरों में ताला लगाकर भाग गए हैं।