रायबरेली। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में रविवार को दहेज की खातिर एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। आठ माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। आरोप है कि मामले को आत्महत्या का रूप देेने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया।
मृतका का पिता रामसजीवन सीओ सलोन कार्यालय में फालोवर पद पर तैनात है। घटना की जानकारी होने पर सीओ डलमऊ आरपी शाही, कोतवाल श्रीराम ने पहुंचकर पड़ताल की।
इंजीनियर पति समेत पांच ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का केस दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के नेवाजगंज निवासी लालचंद्र मुंबई में पीडब्ल्यूडी विभाग में प्राइवेट इंजीनियर के पद पर तैनात है।
लालचंद्र का विवाह 8 माह पहले 20 अप्रैल को भदोखर थाना क्षेत्र के शहीद स्मारक मुंशीगंज के रहने वाले राम सजीवन की 22 वर्षीय पुत्री ममता के साथ हुआ था। रविवार सुबह ममता का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ पाया गया।
ससुराल पक्ष ने सीएचसी पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस दौरान मायका पक्ष व ससुराल पक्ष के बीच कहासुनी भी हुई। कोतवाली प्रभारी श्रीराम ने बताया कि मृतका के पिता राम सजीवन की तहरीर पर पति लालचंद्र, ससुर लालबहादुर, सास, चचिया ससुर सुनील कुमार, देवर ललित कुमार के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज में चार लाख रुपये की नकदी, कूलर, फ्रिज, कार आदि की मांग कर रहा था। इसी वजह से उसकी बेटी की हत्या की। कोतवाल का कहना है कि पति, सास, ससुर को हिरासत में ले लिया गया है। उधर, ससुराल पक्ष का कहना है कि ममता ने फांसी लगाकर जान दी है। उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है।