महाराजगंज (रायबरेली)। भूमि विवाद में रविवार को दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। लाठी-डंडे व सरिया से पीट-पीटकर एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। विवाहिता के दो भाइयों समेत तीन, जबकि दूसरे पक्ष से दो लोग घायल हुए। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
चंदापुर थाना क्षेत्र के पूरे अनवरगंज मजरे ज्योना निवासी हौसला प्रसाद और गुरदत्त सिंह मजरे ज्योना निवासी गुरचरण के बीच अनवरगंज चौराहा (लामी चौराहा) स्थित भूमि को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। विवादित जमीन पर गुरचरण का निर्माणाधीन मकान बना था। रविवार शाम करीब तीन बजे गुरचरण निर्माणाधीन मकान की छत डलवा रहे थे।
इसकी भनक हौसला प्रसाद को लगी तो वह भारी संख्या में लोगों के साथ लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे व सरिया से हमला कर दिया। हमले में एक पक्ष से गुरचरण के दो बेटे राजेंद्र (42), सुरेंद्र (25), बेटी सुनीता (28) पत्नी सौरभ निवासी कसरैला और रामू (22), जबकि दूसरे पक्ष के हौसला की तरफ से शैलेंद्र सिंह (25) व आशीष सिंह निवासी जनई घायल हो गए।
घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां रामू को छोड़कर शेष पांच घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया। मृतक सुनीता हाल ही में ससुराल से मायके आई थी। सुनीता की मौत से परिजनों में कोहराम है। घटना को लेकर गांव में तनाव है।
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि भूमि विवाद में घटना हुई है। एक महिला की मौत हुई है। तहरीर पर केस दर्ज किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कराई जा रही है।
रात में भी हुआ था बवाल, नहीं चेती चंदापुर पुलिस
शनिवार की रात गुरचरण निर्माणाधीन मकान पर छत डलवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया था। हमले में गुरचरण के बेटे रवींद्र को गंभीर चोटें आई थीं। सीएचसी से रवींद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रात में बवाल होने के बाद भी चंदापुर थाना प्रभारी और उनके मातहत घटना को लेकर गंभीर नहीं दिखे।
क्षेत्रीय लोगों की माने तो पुलिस प्रकरण में टालमटोल करती रही। यही वजह रही कि गुरचरण शाम को छत डलवाने लगे। इसी बीच दूसरे पक्ष ने पहुंचकर हमला बोल दिया। घटना के बाद लामी चौराहा पर लोग सहमे हुए हैं। सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
10 माह से सुलग रही थी नफरत की चिंगारी
दोनों गुटों के बीच भूमि पर कब्जा को लेकर करीब 10 माह से नफरत की चिंगारी सुलग रही थी। सितंबर 2024 में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी। हौसला प्रसाद की तरफ से गुरचरण के पक्ष के लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। तब से कई बार यह मामला तहसील महराजगंज और थाने तक पहुंचा था। बावजूद राजस्व कर्मियों और पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया और यह घटना हो गई।