रायबरेली के खीरों ब्लॉक क्षेत्र में गलत कीटनाशक दवा डालने से खराब हुई गेंदा की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
खीरों ब्लॉक क्षेत्र के अहिलवा मजरे दोकनहा गांव में फसल में गलत दवा कर छिड़काव किए जाने से एक लाख रुपये की गेंदा की फसल झुलस गई। किसान ने दवा को कृषि रक्षा इकाई खीरों से खरीदकर लाया था। पीड़ित ने खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
गांव निवासी सत्यनारायन एक बीघा गेंदा की खेती करता है। कलकत्ता से कीमती बीज लाकर फसल तैयार की थी। नवरात्र के समय फसल में कीड़ा लग गया। इसके बचाव के लिए उसने कृषि रक्षा इकाई खीरों से संपर्क करके कीट नाशक दवा रोबोट और क्रजीली लाया था।
छिड़काव करने के पांच दिन बाद फसल सूखने लगी। दोबारा फिर कृषि रक्षा इकाई जाकर फसल सूखने की बात बताई। जिसके बाद स्ट्रेप्टोसैफ और सॉफ दवा दी गई। जिसे लाकर मैंने फिर छिड़काव कराया, लेकिन लगभग 90 प्रतिशत फसल झुलस गई।
इससे लगभग एक लाख की फसल बर्बाद हो गई। किसान ने जिलाधिकारी से जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में कृषि रक्षा इकाई के स्टोर में तैनात रमाकांत से बताया कि जिस दवा का उन्होंने प्रयोग किया है, उसकी सरकारी सप्लाई नहीं है।
किसान सत्यनारायन मेरे पास आए थे, मैंने उन्हें बताया था की इस कीड़े की रोकथाम की कोई दवा हमारे स्टोर में नहीं है। यह दवा हमारे यहां उपलब्ध नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।