रायबरेली। एक ओर जहां कोरोना ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया, वहीं इसके खतरे को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन का नतीजा है कि मनरेगा ने अब तक सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। एक-एक दिन में एक-एक लाख से अधिक श्रमिकों को काम देने के साथ ही इस वित्तीय साल में 80 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित करने का रिकार्ड भी बन चुका है। श्रमिकों को सौ-सौ दिन का रोजगार देने में भी रिकार्ड कायम हो गया है।
पिछले 15 साल में इस साल सबसे अधिक 8573 श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार दिया जा चुका है। आगामी 31 मार्च तक यह लक्ष्य 20 हजार से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।
मनरेगा योजना का सपना है कि श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें गांव स्तर पर ही 100 दिन का रोजगार दिया जाए। इसके लिए लगातार मनरेगा में अधिक से अधिक श्रमिकों को काम देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पिछले साल सबसे अधिक 4639 श्रमिकों को 100 दिन रोजगार दिया गया था।
पिछले मार्च महीने से कोरोना का कहर बढ़ने के बाद किए गए लॉकडाउन में गांव स्तर पर श्रमिकों को अधिक से अधिक मनरेगा में काम दिया गया। एक-एक दिन में एक-एक लाख से अधिक श्रमिकों को काम दिया गया। इसी का नतीजा है कि वित्तीय वर्ष को खत्म होने में एक महीने से अधिक का समय है, लेकिन अब तक 8573 लोगों का 100 दिन रोजगार पूरा हो चुका है। 31 मार्च तक 20 हजार से अधिक श्रमिकों का 100 दिन का काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन की मंशा पर अभियान शुरू कर दिया गया है।
14 हजार श्रमिकों का 10 दिन में पूरा हो सकता 100 दिन काम
जिले की 988 ग्राम पंचायतों में मनरेगा में काम करने वाले 14 हजार से अधिक ऐसे श्रमिक हैं जो 90 दिन से अधिक काम अब तक पूरा हो चुके हैं। अगले 10 दिनों तक लगातार यदि काम करेंगे तो उन श्रमिकों का भी 100 दिन रोजगार का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को अधिक से अधिक श्रमिकों को काम देने के आदेश दिए गए हैं।
पांच साल में 100 दिन रोजगार पाए श्रमिक
वर्ष श्रमिकों की संख्या
2016-17 375
2017-18 1165
2018-19 2296
2019-20 4639
2020-21 8573
इस साल अब तक नौ दिन इन्हें मिला रोजगार
ब्लॉक 100 दिन काम पाए श्रमिक
अमावां 897
बछरावां 662
छतोह 431
डलमऊ 446
गौरा 126
डीह 411
हरचंदपुर 323
जगतपुर 498
खीरों 594
लालगंज 336
महराजगंज 291
राही 864
रोहनियां 744
सलोन 304
सरेनी 778
सतांव 223
शिवगढ़ 245
ऊंचाहार 400
कुल 8573
मनरेगा में अब तक सबसे अधिक चालू वित्तीय वर्ष में 8573 श्रमिकों को 100 दिन रोजगार दिया जा चुका है। 31 मार्च तक इस लक्ष्य को 20 हजार से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
- पवन कुमार सिंह, उपायुक्त (मनरेगा)