मंदिर और घरों में पूरे विधिविधान से मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं ने कलश स्थापित किए। साथ ही मां के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना की। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी चौकन्ना रहा।
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा हुई। मंदिरों और घरों में कलश स्थापना के बाद आरती की गई। वहीं लोगों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। शहर के मंशा देवी मंदिर में सबसे अधिक भीड़ रही।
यहां पर पुजारी मुन्नालाल ने पूजा-अर्चना कराई। इसी तरह चंपा देवी, मढ़ी देवी, काली माता मंदिर, दुर्गा मंदिर में माता के दर्शन के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
मंदिर के कपाट खुलते ही एक-एक कर लोगों ने मां की पूजा-अर्चना की। दुर्गा मंदिरों में पूजन-अर्चन, मंत्रोच्चारण और दुर्गा सप्तशती का पाठ पूरे दिन चलता रहा।
गेगासों में मां संकठा देवी और रालपुर में मां वैष्णवी देवी में पूजा कर भक्तों ने मनचाहा वरदान मांगा। डीह प्रतिनिधि के अनुसार मां कमासिन धाम मंदिर दरसवां में पंडित सुभाष शर्मा ने पूजा कराई।
डलमऊ प्रतिनिधि के अनुसार मकनपुर रोड आदि शक्तिपीठ और पथवारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सिंहपुर और इन्हौंना प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के अहोरवा भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
तड़के से ही लोगों की लाइन लग गई। यहां पर रायबरेली के अलावा बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी जिले से भी लोग दर्शन के लिए पहुंचे।