लखनऊ के सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने जांच की, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इससे पहले भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एक बार फिर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी जिला जज लखनऊ की अधिकारिक मेल आईडी पर मिली। इसके बाद वजीरगंज पुलिस, बम और डॉग स्क्वॉड ने दो घंटे तक छानबीन की पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। ईमेल के जरिये तमिलनाडु में ईडबल्यूएस आरक्षण लागू होने से रोके जाने की मांग की गई।
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एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि ईमेल में बुधवार दोपहर 12:15 बजे तक सभी को खाली करा लें। जिला जज के चैंबर समेत पूरे कोर्ट परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता पहुंच गया। बम की खबर से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई।
सभी जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया
डॉग स्क्वॉड की मदद से अधिवक्ताओं के कक्ष, कोर्ट रूम, पार्किंग समेत सभी जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कोर्ट परिसर में मौजूद कई लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस को कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के अंत में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) और पाकिस्तान आईएसआई लिखा हुआ था। इसके पहले भी 13 फरवरी, 16 फरवरी और 24 फरवरी को कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया था।
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पहली बार मिली धमकी के मामले में कोर्ट के नाजिर की तहरीर पर वजीरगंज थाने में ईमेल भेजने वाले अज्ञात शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि कोर्ट परिसर की चौकसी बढ़ा दी गई है। जिस आईडी से मेल आई है उसका पता लगाया जा रहा है। सर्विलांस समेत कई टीमें तफ्तीश कर रही हैं।