वो देखो चांद दिखाई देने लगा। काफी देर से इंतजार कर रहे लोगों की नजर जैसे ही चांद पर पड़ी खुशी से झूम उठे। एक-दूसरे को चांद दिखाते हुए बधाई देने लगे। इसी के साथ ही रमजान का पवित्र माह की शुरुआत हो गई। इसी के साथ लोगाें के कदम मस्जिद की ओर इबादत के लिए निकल पडे़।
शहर के किला बाजार, कहाराें का अड्डा, खाली सहाट, गोरा बाजार आदि मोहल्लों में चांद देखने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही। घरों की छत, टीले आदि पर खडे़ चांद का इंतजार करते रहे। जैसे ही चांद दिखा, खुशी से चेहरे खिल गए। अंदरून किला में माहम, आसिफ, अरीबा, अनस आदि बच्चों ने चांद दिखने पर खुशी जताई।
हाफिज नसीम ने बताया कि अरबी में रोजा का अर्थ है परहेज करना। न केवल खाने-पीने से बल्कि गलत काम, गंदी सोच और अपशब्दों से परहेज करना है। जुबान किसी के बारे में बुरा ना बोले, चुगली न करें, आंखों से कुछ भी गलत होता न देखे।