रायबरेली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बाद शहर की ज्यादातर सड़कें बृहस्पतिवार को जाम से जूझती रहीं। लखनऊ से आए ज्यादातर अभ्यर्थी अपने चारपहिया वाहन से पहुंचे। इन अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद वाहन समेत शहर से बाहर निकलने में कई घंटे लग गए। हर रास्ते पर जाम लगा रहा। जाम की वजह से परीक्षा केंद्रों के भ्रमण पर निकले अफसरों को भी कार्यालयों लौटने में परेशानी हुई। आम राहगीरों और शहरवासियों को परेशानी हुई।
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए भले ही चौराहों पर पुलिस कर्मी तैनात रहे, लेकिन वाहनों की भीड़ के बीच निकलने में काफी समय लगा।यूपी टीईटी दो पालियों में कराई गई। पहली पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे छूटी। इससे दीवानी कचहरी तिराहा, बस स्टेशन चौराहा, अस्पताल चौराहा, कचहरी रोड, सुपर मार्केट, घंटाघर चौराहा, रेलवे स्टेशन रोड, कानपुर रोड समेत सभी प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया।
परीक्षा केंद्रों के आसपास अभ्यर्थियों के चार पहिया वाहन खड़े रहे। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को अपना वाहन लेकर अगले चौराहे तक पहुंचने में आधे से पौन घंटे लग गए। फिर एक से डेढ़ घंटे बाद शहर की सीमा से बाहर हो सके। जिन अभ्यर्थियों को ट्रेनोें या बसों से सफर करना रहा, उन्हें रेलवे और बस स्टेशन तक का रास्ता ई रिक्शा से तय किया, लेकिन उन्हें भी आधा किमी की दूरी तय करने में लगभग एक घंटे लग गए। दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद शाम पांच बजे फिर यही हालात नजर आए।
चुरुवा टोल प्लाजा पर वाहनों की लगीं कतारें
बछरावां। लखनऊ की ओर से आने वाले यूपी टीईटी के अभ्यर्थियों के वाहनों की भीड़ और दूसरी तरफ अपना दल की रैली में बस से जाने वाले कार्यकर्ताओं का जत्था चुरुवा टोल प्लाजा पर पहुंचा तो जाम लग गया। टोल प्लाजा के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। बृहस्पतिवार को यूपी टीईटी के लिए ज्यादातर अभ्यर्थी लखनऊ से आए। साथ ही इस जिले के अभ्यर्थियों का लखनऊ की तरफ जाने का सिलसिला चलता रहा।
दूसरी तरफ मिर्जापुर, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों से अपना दल की रैली में जाने वाले कार्यकर्ताओं की बसें भी लाइन में लगी नजर आईं। रैली में जाने वाली बसों के चालकों की टोल में तैनात कर्मचारियों के साथ शुल्क देने को लेकर कहासुनी भी हुई, जिससे वाहनों को निकलने में ज्यादा समय लगा। सुबह से शाम तक टोल प्लाजा पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला।