ऊंचाहार (रायबरेली)। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर पट्टी रहस कैथवल के निकट ट्रकों की लंबी लाइन लगी रहती है। परिवहन विभाग के जिम्मेदार अफसरों की नाकामी से आए दिन राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इनकी न कोई चेकिंग होती है और न ही इन्हें रोका जाता है। ये ट्रक एनटीपीसी से राख भरने के लिए कई-कई दिनों तक खड़े रहते हैं।
अरखा गांव के पास एनटीपीसी परियोजना का ऐश पांड है। परियोजना से निकलने वाली राख को ट्रकों से लादकर लखनऊ, फतेहपुर, बाराबंकी सहित कई जनपदों में बन रही सड़कों में डाला जा रहा है।
हालात यह है कि सैकड़ों की संख्या में राख ढुलाई कर रहे ट्रक हाईवे की दोनों पटरियों पर खड़े रहते हैं। इससे हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को ओवरटेक करते समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस दौरान बाइक व साइकिल से सड़क पर जा रहे राहगीर भी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
राम जियावन, रामपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, शंकर सिंह, लवकुश, पवन मिश्रा ने बताया कि दिन-रात हाईवे पर दोनों तरफ ट्रकों के खड़े रहने से पटरियों पर जगह नहीं रहती है।
किसी वाहन के गुजरते समय हादसे में लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कोतवाल शिवशंकर सिंह ने बताया कि वाहन चेकिंग चलाकर सड़क किनारे खड़े वाहनों का चालान किया जाता है। यदि फिर भी लोग बिना पार्किंग वाहन खड़े कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।