चुनाव खर्च में प्रत्याशी कंजूसी कर रहे हैं। सबसे अमीर राहुल गांधी भाजपा के दिनेश से भी पीछे हैं। दिनेश ने अब तक 6.90 लाख और कांग्रेस प्रत्याशी ने 4.83 लाख खर्च किए हैं। बसपा उम्मीदवार का खर्च भी बहुत कम है। उन्होंने मात्र 28 हजार रुपये ही खर्च किए हैं।
लोकसभा चुनाव-2024 में प्रचार पूरे सबाब पर है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक व अन्य प्रांतों के बड़े नेता यहां पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में हवा बना रहे हैं, लेकिन सरकारी ऑकड़ों में प्रत्याशी रुपये खर्च करने में कंजूसी कर रहे हैं।
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भाग्य आजमा रहे सूरमा भले ही अंदर ही अंदर कुछ भी खर्च कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग से तय खर्च की सीमा से 10 गुना से भी कम खर्च अब तक किया है। खर्च में प्रत्याशियों में सबसे अमीर राहुल गांधी भाजपा के दिनेश सिंह से पीछे हैं।
दिनेश ने अब तक 6.90 लाख रुपये चुनाव प्रचार में खर्च किया है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी ने मात्र 4.83 लाख रुपये ही खर्च किए है। बसपा उम्मीदवार ठाकुर प्रसाद यादव का खर्च भी बहुत कम है। अब तक मात्र 28 हजार रुपये ही खर्च किया है।
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लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रशासन प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखे हुए है। बीती आठ मई तक सभी प्रत्याशियों से अब तक खर्च को ब्योरा मांगा गया। सभी आठ प्रत्याशियों ने अब तक 13.29 लाख रुपये ही खर्च दिखाया है।
प्रत्याशियों की ओर से व्यय रजिस्टर प्रशासन को प्रस्तुत करके खर्च की रिपोर्ट दी गई। अब तक खर्च की स्थिति से स्पष्ट है कि यही हाल रहा तो कोई भी प्रत्याशी तय सीमा तक धनराशि खर्च नहीं कर पाएगा। हालांकि प्रत्याशी अंदर ही अंदर खूब रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन लिखापढ़ी में स्थित सबसे अलग ही है।
प्रत्येक प्रत्याशी को 75 लाख खर्च करने की छूट
लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए उतरे प्रत्याशियों के अधिकतम खर्च की सीमा चुनाव आयोग से तय कर रखी है। प्रत्येक प्रत्याशी चुनाव में 75 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। प्रत्याशियों को अपने खर्च का ब्योरा तीन बार में जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होता है। दूसरी बार खर्च का ब्योरा मतदान होने के बाद उपलब्ध कराना होगा। आखिरी ब्योरा मतगणना के बाद देना होगा।
तीन मई से आठ मई तक सभी प्रत्याशियों से चुनाव प्रचार में खर्च को ब्योरा लिया गया। अब तक प्रत्याशियों ने 13.29 लाख रुपये खर्च करने का ब्योरा दिया है। इसमें भाजपा प्रत्याशी ने सबसे अधिक खर्च दिखाया है। -भावना श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोषाधिकारी