रायबरेली। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को सुबह 10 बजे शुरू हुई लोको पायलटों की भूख हड़ताल 48 घंटे बाद बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। लोको लॉबी पर उपस्थित लोको पायलटों ने जूस पीकर उपवास तोड़ा, वहीं ट्रेन चला रहे लोको पायलटों ने अपने कार्यस्थलों पर भूख हड़ताल की।
रायबरेली रेलवे स्टेशन स्थित लोको लाॅबी के पास ओमजी तिवारी, सचिन श्रीवास्तव, अनुपम अवस्थी, प्रदीप यादव, सौरभ सिंह ने जूस पीकर उपवास तोड़ा। इसके अलावा अन्य लोको पायलटों ने अपने कार्यस्थल पर ही सुबह 10 बजे के बाद अल्पाहार ग्रहण किया। सभी लोको पायलटों ने 48 घंटे तक भूख हड़ताल पर रहकर ट्रेनों को चलाने का काम किया। लोको लाॅबी के रविंद्र कुमार, विश्वेश्वर सिंह, रितेश रोहिला, विजय प्रताप, ताहिर हुसैन, अनिल कश्यप आदि ने भी उपवास रखा था।
शाखा मंत्री डीके शुक्ला ने बताया कि 10 सूत्री मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन कोई हल नहीं निकला तो 48 घंटे की भूख हड़ताल की गई। इसमें प्रमुख रूप से टीए बढ़ाने, अधिकतम ड्यूटी की समय सीमा तय करने, 36 घंटे के भीतर रनिंग स्टाफ की मुख्यालय में वापसी समेत आदि मांगें शामिल हैं। इसके बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगे आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। भूख हड़ताल से ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।