रायबरेली। बैंकों के विलय के विरोध में मंगलवार को कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैंकों में तालाबंदी से एक अरब का लेनदेन प्रभावित रहा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनके साथ ज्यादती कर रही है। बैंकों का विलय किया जा रहा है, जो गलत है। इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। केंद्रीय आह्वान पर ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन एसोसिएशन की अगुवाई में बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, पंजाब नेशनल की करीब 70 बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ।
इन बैंकों के अधिकारी तो ड्यूटी पर रहे, लेकिन कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस वजह से कोई कामकाज नहीं हो सका। भारतीय स्टेट बैंक, जिला सहकारी बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की सभी शाखाएं खुली रही। हालांकि भारतीय स्टेट बैंक में भी कैश का लेनदेन नहीं हो सका। बैंक शाखाएं सिर्फ खुली रहीं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरु प्रसाद साहू, महामंत्री अयाज अहमद, रमेश कुमार आश्रित, अजय सिंह, शिपरा श्रीवास्तव आदि कर्मचारियों ने पहले चौहान मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक और फिर सुपर मार्केट में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। महामंत्री अयाज अहमद ने बताया कि महज बैंकों के विलय के विरोध में कर्मचारियों की ओर से हड़ताल की गई है।
सरकार कर्मचारियों के साथ मनमानी कर रही है। इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक खुली रही, लेकिन उसमें भी कैश का लेनदेन नहीं हो सका। बैंकों में हड़ताल की वजह से एक अरब का लेनदेन प्रभावित रहा। हड़ताल की वजह से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लीड बैंक मैनेजर विजय शर्मा का कहना है कि बैंकों के विलय के विरोध के चलते कर्मचारियों की ओर से हड़ताल की गई थी। बैंकों पर हड़ताल का असर पड़ा। हड़ताल की वजह से करीब एक अरब का लेनदेन प्रभावित रहा। भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं तो खुली रही, लेकिन वहां पर भी कैश का लेनदेन प्रभावित हुआ।