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गिने-चुने स्कूलों में साफ-सफाई, बाकी जगह ताले

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रायबरेली में मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय छज्जूपुर के कक्ष में लगे ताले। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को लखनऊ में हुए प्रदेश के सभी बीएसए और डीआईओएस की बैठक में 25 जून से विद्यालय खोलने के निर्देश दिए थे, ताकि विद्यालय में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सके। सीएम के इन निर्देशों का पालन कागजों में तो दिखा, लेकिन हकीकत में गिने-चुने स्कूलों के ही ताले खुले नजर आए।
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जिले में 2600 स्कूलों में से करीब दो हजार स्कूलों में ताले लटकते रहे। बाकी विद्यालयों में मंगलवार को कहीं सुबह तो कहीं दोपहर में स्कूल खुले। महज गांव के सफाईकर्मियों को बुलाकर झाड़ू लगवा दी गई। जिले के ज्यादातर विद्यालयों में ताले लटकते रहे। अध्यापक ग्रीष्मावकाश का लुत्फ उठाते रहे। जिला मुख्यालय से लेकर खंड शिक्षाधिकारी भी स्कूलों में नहीं पहुंचे।
इससे ज्यादातर स्कूलों में चारों तरफ गंदगी फैली नजर आई। अध्यापक भी इस उम्मीद में है कि दो दिन पहले स्कूल खोलकर साफ कर लेंगे, वरना पहली जुलाई को ही झाड़ू लगवा देंगे। निरीक्षण के नाम पर भी अधिकारी खामोशी अख्तियार किए रहे। जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक बेसिक शिक्षा विभाग का कोई अफसर स्कूलों को देखने के लिए नहीं निकला।
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जगतपुर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगतपुर, प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ टिकरिया, प्राथमिक विद्यालय पूरे झाम, उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरे झाम, प्राथमिक विद्यालय बैरीहार, प्राथमिक विद्यालय कूड़ में ताले नहीं खुले। स्कूल के बाहर सफाई कर्मचारी घंटों खड़े रहकर इंतजार करते रहे, लेकिन ताले खोलने के लिए गुरुजी नहीं आए। इससे सफाईकर्मी लौट गए।
दूसरी तरफ रोझइया भीखमशाह में सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाते नजर आए। ब्लॉक क्षेत्र में ज्यादातर स्कूलों में मुख्यमंत्री के आदेश का असर नहीं दिखा। डलमऊ विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय छज्जूपुर में ताला लटकता रहा। मेन गेट से लेकर अंदर तक सभी कमरों में ताले लगे होने से साफ-सफाई नहीं हो सकी। पूरा स्कूल गंदगी से पटा रहा।
उधर, डीह विकास क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रोखा में प्रधानाध्यापक विजय बहादुर और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मऊ में प्रधानाध्यापक धीरेंद्र पुरवार ने ताला खोला और सफाई कराई। प्राथमिक विद्यालय खारिका में अमित कुमार गौड़, प्राथमिक विद्यालय पूरे कुंजल में सुनील मौर्य, प्राथमिक विद्यालय पूरे कनपुरिया में महेश नारायण पांडेय ने व्यवस्था दुरुस्त कराई। बाकी स्कूलों में कहीं ताले नहीं खुले और परिसर में गंदगी फैली नजर आई।
खीरों ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरौला समेत ज्यादातर विद्यालयों में ताले बंद मिले, क्योंकि स्कूल खोलने के लिए कोई अध्यापक नहीं पहुंचा। जहां कहीं गुरुजी पहुंचे तो वहां कुछ मिनटों में सफाई कराकर स्कूल बंद कर दिया गया। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दत्ताखेड़ा में साफ-सफाई कराने के लिए सहायक अध्यापक प्रभा शंकर पहुंचे। स्कूल परिसर में झाड़ू लगवाई, फिर वह भी घर लौट गए। विकास क्षेत्र के अन्य स्कूलों में कहीं झाड़ू लगी तो कहीं ताले लटकते नजर आए।
बीएसए पीएन सिंह ने कहा कि उच्च अधिकारियों से मिले निर्देशों के अनुरूप सभी प्रधानाध्यापकों से 25 से 30 जून के बीच स्कूल खोलकर साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने को कहा गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निरीक्षण कर सभी स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करा लें, ताकि पहली जुलाई से पठन-पाठन का माहौल बन सके। आज भी जिले के ज्यादातर स्कूल खुले और उनमें साफ-सफाई कराई गई।
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