रायबरेली। शुक्रवार रात से वीकेंड लॉकडाउन था। शनिवार को शहर का कोना-कोना बंद नजर आया। बाजारें सूनी रहीं तो रिहायशी इलाकों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोग घरों से बाहर नहीं निकले। सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही लोग निकले और काम पूरा करके वापस लौट गए। शहर में कुछ मेडिकल स्टोर ही खुले। जहां दवा लेने वाले लोग अपने वाहन से पहुंचते नजर आए।
लॉकडाउन का पालन कराने पुलिस भी मुस्तैद रही। पुलिस कर्मियों ने कई जगह लोगों से पूछताछ की और उन्हें बेवजह घर से न निकलने की नसीहत दी। लगातार पुलिस की गाड़ियां शहर के प्रमुख मार्गों पर फर्राटा भरती रहीं।
डिग्री कॉलेज चौराहा, घंटागर चौराहा, सिविल लाइन चौराहा, जिला अस्पताल चौराहा, बस स्टेशन चौराहा, रेलवे स्टेशन, कानपुर रोड तिराहा, रतापुर चौराहा व त्रिपुला चौराहा आदि इलाकों में पुलिस की खास नजर रही।
सीन-1
गायब रही रौनक, पसरा सन्नाटा
समय दोपहर 11.29 बजे। स्थान कहारों का अड्डा। रमजान का महीना चल रहा है। इस चौराहे पर हमेशा चहल-पहल रहती थी। काफी रौनक नजर आती है। लॉकडाउन में सन्नाटा दिखा। इस चौराहे से लखनऊ रोड गुजरी है, जिससे इक्का-दुक्का चौपहिया, दोपहिया वाहन गुजरते नजर आए।
सीन-2
गाड़ियां खड़ी दिखीं, पर भीड़ कही नहीं
समय दोपहर 11.56 बजे। स्थान जिला अस्पताल चौराहा। अस्पताल होने के नाते चौराहे के आसपास कई वाहन खड़े तो कुछ आते-जाते नजर आए। कुछ लोग टहलते भी दिखे, लेकिन आम दिनों की तरह कोई भीड़ नहीं थी। ज्यादातर मेडिकल स्टोर भी बंद थे। कुछ खुले थे, जिनमें लोग दवा ले रहे थे।
सीन-3
राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन रहा कम
समय दोपहर 12.28 बजे। स्थान सिविल लाइंस चौक। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग होने के नाते कभी-कभी वाहन आते-जाते दिखे। आम दिनों की तरह फर्राटा भरते वाहनों की कतार नहीं दिखी। दोपहिया वाहन वाले भी किसी न किसी जरूरी काम की वजह से ही इस चौराहे से होकर गुजरते दिखे।
सीन-4
घरों के दरवाजे नहीं खुले, दुकानें रहीं बंद
समय दोपहर 1.34 बजे। स्थान मधुबन मार्केट। यह व्यवसायिक और रिहायशी इलाका है, जहां दुकानें बंद रहने के साथ ही घरों के दरवाजे भी बंद रहे। कोई बाहर नहीं दिखा। हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा। मुख्य मार्ग पर कोई नजर नहीं आया। मोहल्ले की गलियां भी सुबह से लेकर शाम तक सूनी रहीं।