आधुनिक रेल कोच कारखाना (आरेडिका) में उन्नत तकनीक के फोर्ज्ड व्हील बनते हैं। पहले आरेडिका इनके निर्माण में यूक्रेन और रूस की मदद लेता था, लेकिन पिछले दो साल आरेडिका में ही इनका निर्माण हो रहा है। फोर्ज्ड व्हील को बनाने में जो मेटल उपयोग में लाया जाता है, उसे ब्लास्ट फरनेस में गलाया जाता है। उसके बाद उनको व्हील का आकार दिया जाता है। एलएनजी बहुत ज्वलनशील होती है और फरनेस को जलाने में इसका उपयोग होता है।
सूत्रों के अनुसार एलएनजी की आपूर्ति रुकने पर किस तरह की स्थितियां बन सकती हैं, इस पर वार्ता हो रही है। साथ ही हाईकमान को भी इस पर जानकारी दी जा चुकी है। मामले में जन सूचना अधिकारी अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि अभी आरेडिका में एलएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से बहाल है। कहीं कोई समस्या नहीं है। आरेडिका का काम पहले जैसा ही चल रहा है।
आरेडिका में एक माह में बनते हैं औसत 5000 फोर्ज्ड व्हील
आरेडिका में एक माह में करीब 5000 फोर्ज्ड व्हील बनते हैं। इस तरह हर दिन औसत 400 ब्हील बनाए जाते हैं। हालांकि आरेडिका ने एक अगस्त 2025 में एक दिन में 408 फोर्ज्ड व्हील बनाने के रिकॉर्ड बनाया है। आधुनिक रेल कोच कारखाना ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 429 कोच सफलतापूर्वक बनाकर नया कीर्तिमान रचा है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में समान अवधि में तैयार 385 कोचों से 44 अधिक है। कोच उत्पादन में दीन दयालु श्रेणी के 111, स्लीपर के 83, एसी-थ्री टियर के 36 और एसी टू टियर के 10 कोच शामिल हैं।