फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरे में 25 हजार मुसाफिरों की जिंदगी

विज्ञापन
विज्ञापन
बस स्टेशन से रोडवेज की बस कानपुर जा रही थी। बस पर अग्निशमन यंत्र नहीं लगा था। यदि आग लग जाए तो लपटों को काबू में करना मुश्किल हो जाए। दूसरी डिपो की बस में अग्निशमन यंत्र लगा तो दिखा, लेकिन उसमें गैस नहीं थी। यानी आग लगने पर इस यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन

बस स्टेशन पर यात्रियों को गंतव्य तक लेकर जा रही डिपो की बस में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे दिखे। बस के चालक-परिचालक से अग्निशमन यंत्र न लगा होने की जानकारी चाही गई तो वह जवाब नहीं दे सके। यहीं पर खड़ी एक बस में अग्निशमन यंत्र तो लगा था, लेकिन उसमें गैस नहीं थी। अग्निशमन यंत्र महज शोपीस बना था।
बस स्टेशन से लखनऊ जा रही बस पर यात्री सवार थे, लेकिन उसमें अग्निशमन यंत्र लगा कहीं नहीं दिखा। अग्निशमन यंत्र न लगने के बारे में चालक-परिचालक टालमटोल जवाब दे रहे थे। अग्निशमन यंत्र न लगने पर यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। बस स्टेशन पर बसों पर सवार होने के लिए मुसाफिरों की भीड़ लगी थी।
विज्ञापन

रायबरेली। डिपो की 171 बसों पर सफर करने वाले करीब 25 हजार यात्रियों की जिंदगी हर पल खतरे में है। थोड़ी सी चूक उनकी जान के लिए जंजाल बन सकती है।
सोमवार को प्रयागराज हाईवे पर हरचंदपुर क्षेत्र में आलमबाग डिपो की बस आग का गोला बन गई थी। इसमें 15 मुसाफिर झुलस गए थे। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। अमर उजाला ने घटना के बाद मंगलवार को रायबरेली डिपो की बसों में आग से निपटने के इंतजामों की पड़ताल की तो सिर्फ लापरवाही ही नजर आई।
डिपो की बसों में आग से निपटने के इंतजाम नाकाफी मिले। कई बसों में अग्निशमन यंत्र ही नहीं लगे थे। जिन बसों में अग्निशमन यंत्र लगे दिखे तो वे भी महज शोपीस बने थे।
रायबरेली डिपो की बसों से हर दिन लखनऊ, दिल्ली, अयोध्या, सुल्तानपुर, कानपुर, फतेहपुर समेत अन्य जनपदों को यात्री जाते हैं। रोजाना इन बसों से सफर करने वाले करीब 25 हजार यात्रियों की सुरक्षा में चूक बरती जा रही है। यही नहीं इन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं लगे हैं।
आठ बसें कंडम, खड़ी कराई गईं
रायबरेली डिपो में विभाग की 84, जबकि अनुबंधित बसों की संख्या 87 है। अफसरों का दावा है कि आठ बसें कंडम थीं, जिन्हें अब डिपो में ही खड़ा करा लिया गया है।
हालांकि अब भी सड़कों पर ऐसी अनुबंधित बसें दौड़ रही हैं, जो खटारा हैं। ये बस कब कहां बीच रास्ते में खड़ी हो जाएं, इसका भरोसा नहीं। बावजूद उनका संचालन कराया जा रहा है। यह चूक भी हादसे का सबब बन सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा के हो इंतजाम
यात्री कमलेश यादव, अखिलेश मिश्रा, मनीष तिवारी, अफजाल अंसारी का कहना है कि बसों का किराया तो हर साल बढ़ा दिया जाता है, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई जाती हैं। बसों में आग से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। बसों में लगे अग्निशमन यंत्र खराब पड़े हैं। इसलिए जरूरी है कि विभाग के अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम करें, ताकि आग लगने पर लोगों को बचाया जा सके।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को आलमबाग डिपो की अनुबंधित बस में आग लगने की घटना के बाद वरिष्ठ केंद्र प्रभारी को अनुबंधित बसों और फोरमैन को विभाग की बसों में आग से निपटने के लिए इंतजाम कराने के लिए कहा गया है। सभी बसों में जल्द अग्निशमन यंत्र लग जाएंगे। जो अग्निशमन यंत्र खराब पड़े हैं, उसे सही कराया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
विज्ञापन

अक्षय कुमार, एआरएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें