33 केवी लाइन में मंगलवार रात 9 बजे फॉल्ट आने के कारण ब्लॉक क्षेत्र के 50 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई। इससे एक लाख आबादी अंधेरे में है। वहीं चार पानी की टंकियों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। ऐसे में हैंडपंप पर लोगों को लाइन लगाना पड़ा।
फॉल्ट को बुधवार देर शाम तक पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी नहीं खोज सके हैं। इससे क्षेत्रीय उपभोक्ताओं में आक्रोश है। खीरों क्षेत्र में मंगलवार को बिजली की आपूर्ति सुचारु थी। इसी दौरान रात करीब 9 बजे त्रिपुला ट्रांसमिशन से खीरों और सेमरी उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया।
इससे क्षेत्र के 50 गांवों में अंधेरा छा गया। सूचना पर पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी फॉल्ट खोजने में जुटे, लेकिन बुधवार देर शाम तक फॉल्ट नहीं मिलने से करीब एक लाख आबादी अंधेरे में ही थी। बिजली बिन लोग परेशान रहे। चार पानी की टंकियों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
ऐसे में हैंडपंप पर लोगों को लाइन लगाना पड़ा। ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी खीरों, थाने में बिजली गुल रही। सबसे ज्यादा किसानों को हुई। किसान रामदीन, बंशीलाल, मातादीन, अशोक कुमार ने बताया गेहूं की सिंचाई करनी है। बिजली न आने से नलकूप ठप हैं।
पावर कॉर्पोरेशन जानबूझ कर जर्जर संसाधनों को नहीं बदलवा रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि क्षेत्र की लाइनें और उपकेंद्र में लगे उपकरण जर्जर होने के कारण आए दिन समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
एसडीअाे उमेश कुमार सिंह का कहना है कि मंगलवार रात 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से आपूर्ति बंद है। सुबह फॉल्ट को ठीक कर लिया गया, लेकिन दूसरी जगह फिर फॉल्ट आने से बिजली की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। फॉल्ट खोजने का प्रयास किया जा रहा है।