गणतंत्र दिवस पर सरकारी और निजी कार्यालय, विद्यालयों में झंडारोहण के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है। मंच से भाषणबाजी होती है। शायद ही कोई सही मायने में इस महापर्व को मनाता होगा।
‘अमर उजाला’ की पहल से लोगों ने गणतंत्र दिवस पर कुछ न कुछ ऐसा संकल्प लिया। जिससे समाज और देश का हित होगा।
इसके तहत लोगों ने न सिर्फ भ्रष्टाचार, नारी सशक्तीकरण, मतदान और जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लिया। अपितु लोगों से भी समाज में व्याप्त कुरीतियों के खात्मे के लिए सच्चे मन से आगे आने का आह्वान किया।
बुजुर्ग महिला आशा सिंही ने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्र से जुड़ा महापर्व है। इसमें हर किसी को शामिल होना चाहिए। अभी समाज के कई ऐसे लोग हैं। जिन्हें किसी न किसी रूप में मदद की जरूरत होती है।
ऐसी स्थिति में यही संकल्प है कि जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करूंगी और लोगों को इसके लिए प्रेरित भी करूंगी। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा गुलफिशा ने कहा कि गरीब बच्चे भी शिक्षित हो। क्योंकि शिक्षा से ही सभी का भला होता है।
समाज व क्षेत्र का विकास होता है। ऐसी स्थिति में ऐसे बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करूंगी, जो अभी तक विद्यालय नहीं पहुंचे। जरूरत पड़ी तो उन्हें पढ़ाई में मदद भी करूंगी।
बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र अमन बोले कि आज वैज्ञानिक युग है। इसीलिए यही कोशिश रहेगी पढ़-लिखकर आगे बढ़ने के साथ ही देश के विकास में भी अहम योगदान दूं।
गणतंत्र दिवस पर हमारा यही संकल्प है कि देश को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का न सिर्फ मैं प्रयास करूंगा, बल्कि अपने साथियों को भी प्रेरित करूंगा।
युवा सोनू सिंह ने कहा कि मतदान करना सबका अधिकार है। युवा वर्ग को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी चाहिए और वोट जरूर डालना चाहिए।
गणतंत्र दिवस पर यही संकल्प है कि कोई भी चुनाव हो, साफ और स्वच्छ छवि के नेता को ही वोट देंगे। मतदान के लिए अपने आसपास के लोगों को प्रेरित करूंगा।
व्यापारी गुलाब राय ने कहा कि समाज में अभी कई ऐसे लोग हैं, जो असहाय है। उन्हें पेट भरने तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
इसीलिए यहीं संकल्प लेते है कि जो भी असहाय व्यक्ति मिलेगा, उसकी हरसंभव मदद करेंगे। समाज में कुछ कुरीतियां हैं उन्हें दूर करने के लिए लोग सच्चे मन से आगे आएं, इसके लिए प्रेरित करूंगा।
हॉकी कोच संतोष कुमार ने कहा कि आज भी कई ऐसी प्रतिभाएं हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाती हैं।
उचित मौका और प्लेटफॉर्म नहीं मिलने से उनका कैरियर कुछ समय बाद समाप्त हो जाता है। मेरा यहीं संकल्प है कि ऐसे परिवार से जुड़े मेधावी खिलाड़ियों को खेलकूद में आगे लाऊंगा।
शिक्षिका शालिनी श्रीवास्तव बोलीं कि लड़कियां आज भी काफी पीछे हैं। ग्रामीण अंचलों में हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा ग्रहण करने के बाद लड़कियां आज भी घरों में ही कैद होकर रह जाती है।
मेरा संकल्प यही है कि ऐसी लड़कियों को न सिर्फ उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करूंगी, अपितु सहयोग भी करूंगी। ताकि वो आगे बढ़ सके।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या है। इसके कारण पात्रों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। मैं भ्रष्टाचार को कतई बढ़ावा नहीं दूंगा।
गणतंत्र दिवस पर मेरा यही संकल्प है कि भविष्य में न घूस दूंगा और न ही घूस लूंगा। यही नहीं अपने साथ और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करूंगा।
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. बीके पाठक ने कहा कि आज भी समाज में गरीब तबका ऐसा है, जिसे धनाभाव के चलते समुचित इलाज नहीं मिल पाता है।
गंभीर बीमारी में इलाज के लिए भटकना पड़ता है। संकल्प है कि ऐसे रोगियों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनकी हरसंभव मदद की जाएगी।
अधिवक्ता जय किशोर पांडेय बोले कि आजादी के बाद आज भी सामाजिक व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। अमूमन लोग किसी दूसरे पर हो रहे अत्याचार देखकर चुप रहते हैं।
गणतंत्र दिवस पर संकल्प लेते है कि किसी के साथ अन्याय नहीं करेंगे। अन्याय देखकर चुप भी नहीं रहेंगे। पीड़ित व्यक्ति के हक के लिए आवाज उठाएंगे।