बछरावां (रायबरेली)। तमनपुर गांव के पशुआ पुल के पास शुक्रवार देर रात तेंदुआ दिखा। इससे तमनपुुर समेत चार गांव के ग्रामीण दहशत के कारण रातभर सो नहीं सके। वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान चलाया। कहीं पर भी तेंदुआ नहीं दिखा। शनिवार दोपहर खेत में तेंदुए के पग चिह्न मिल गए। वन विभाग ने लोगों को सतर्क किया है।
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के तमनपुर गांव निवासी पंकज व संजय शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे धान की फसल की रखवाली करने के लिए खेत जा रहे थे। गांव से करीब डेढ़ किमी पहले दोनों की नजर गांव जाने वाली सड़क पर जा रहे एक तेंदुए पर पड़ी। इससे वह भाग खड़े हुए और गांव पहुंचकर अन्य ग्रामीणों को तेंदुए के दिखने की जानकारी दी।
गांव की ओर आ रहे तेंदुए की खबर से ग्रामीण सहम गए। कुछ देर बाद गांव के राजू कस्बे से दूध वाहन लेकर घर लौट रहे थे। उन्हें भी गांव के पहले तेंदुआ दिखा। गांव में उन्होंने भी इसकी सूचना दी। शिकायत पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गांव के आसपास और जंगल में सर्च अभियान चलाया।
टीम के पहुंचने पर ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर उनके साथ गांव के बाहर आए। रात में तकरीबन चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। तेंदुआ दिखने से तमनपुर के अलावा सेंहगो, सेंहगो पूरब, सलेमपुर गांवों के ग्रामीणों में दहशत रही। सभी रातभर सो नहीं पाए।
उधर, वनरक्षक बृजेश वर्मा ने बताया कि सर्च अभियान के दौरान तेंदुए के पग चिह्न मिले है। ग्रामीणों को सचेत किया गया है।
घरों से नहीं निकले बच्चे
तेंदुआ दिखने से चारों गांवों के लोग दहशत में है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तमनपुर गांव के ज्यादातर लोग खेत नहीं गए। ग्रामीण रोहित, ज्ञान, शंकर, गंगा का कहना है कि तेंदुए के डर से शनिवार को बच्चे घरों से बाहर नहीं निकले। बच्चे घबराए हुए हैं। सभी ने वन विभाग की टीम से तेंदुए को जल्द पकड़े जाने की मांग की है।
नौ माह पहले सियार ने ग्रामीणों पर किया था हमला
तमनपुर से करीब पांच सौ मीटर दूर पडीराकला गांव में सात अक्टूबर 2024 को सियार ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। उसके हमले में ट्यूबवेल की मोटर ठीक कर रहे गांव के किसान तेज बहादुर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गांव के लोग बचाने दौड़े तो पास के खेत में घास काट रही गुड्डी पत्नी अमरदीप को काट कर जख्मी कर दिया था। गांव के पूर्णमासी पर हमला किया था। दुन्न खेड़ा मजरे हसवा गांव के छेदालाल पर भी सियार ने हमला करके घायल कर दिया था। लोगों की चीखपुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडा हाथ लेकर पहुंचे थे तो सियार भागा था।