रायबरेली। शारदा सहायक नहर के एक्सपेंशन जॉइंट का लीकेज पूरी तरह बंद नहीं हो सकी है। हालांकि तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद अफसरों को रिसाव कम करने में कुछ सफलता जरूर मिली है। रिसाव के कारण जो पानी बहकर आ रहा है, उसे सई नदी तक पहुंचाने के लिए अब प्लास्टिक की पाइप डाली जाएगी, ताकि मिट्टी का कटान न हो सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले दिन सहायक नहर में 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। धीरे-धीरे पानी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। दावा है कि दो दिन में सहायक नहर से किसानों को पूरी क्षमता से पानी मिलने लगेगा। इसके साथ ही जिस जगह पर लीकेज हैं, वहां बोरियां रखकर रास्ता रोक दिया गया है। इस कारण लोगों को बगल में बनी रिंगरोड से होकर निकलना पड़ रहा है।
शारदा सहायक नहर से करीब 300 माइनरों और रजबहों में पानी पहुंचता है। रघुनाथपुर कटैली गांव के पास बेहटा का पुल बना है। इसमें जगह-जगह लोहे के एक्सपेंशन जॉइंट लगाए गए हैं। 23 जुलाई को एक एक्सपेंशन जॉइंट के पास से लीकेज होने के बाद मरम्मत का काम चल रहा था। बृहस्पतिवार को मरम्मत के बाद सहायक नहर में फिर पानी छोड़ा गया। इसके बावजूद पानी का रिसाव पूरी तरह बंद न हो पाने से फिलहाल क्षमता से कम पानी छोड़ा गया है।
सिंचाई खंड रायबरेली के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि लीकेज को ठीक किया गया, लेकिन थोड़ा रिसाव हो रहा है। किसानों को पानी की बहुत जरूरत है। इसी कारण फिल्हाल शारदा सहायक नहर में क्षमता से कम पानी छोड़ा गया है। रिसाव की जगह पर प्लास्टिक की पाइप डालने के बाद पानी की क्षमता बढ़ाई जाएगी।