रायबरेली। शारदा सहायक नहर में लीकेज की मरम्मत के बाद बुधवार शाम को पानी छोड़ा गया तो उजागर हुआ कि लीकेज की समस्या पूरी तरह दुरुस्त नहीं हुई है।फिर उसी जगह से पानी का तेज रिसाव होता दिखा। इसके बाद पानी का बहाव फिर रोकना पड़ा। मरम्मत कार्य के कारण बीते एक सप्ताह से शारदा सहायक नहर का पानी बंद होने से करीब दो लाख किसानों को सिंचाई के संकट से जूझना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अब शुक्रवार से शारदा सहायक में पानी छोड़ने की बात कह रहे हैं।
जिले में शारदा सहायक नहर करीब 80 किलोमीटर लंबी हैं। रघुनाथपुर कटैली गांव के पास बेहटा का पुल बना है। इसमें जगह-जगह लोहे के एक्सपेंशन जॉइंट लगाए गए हैं। 23 जुलाई को एक एक्सपेंशन जॉइंट के पास से लीकेज होने लगा था। जानकारी पर जिम्मेदारों ने शारदा सहायक नहर का पानी सहायक नहर में आने से रोक दिया था। इसके बाद दो दिन तक एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत का काम चला। बुधवार देर शाम काम पूरा होने के बाद जब नहर में पानी छोड़ा गया, तो उसी जगह से फिर पानी बहने लगा। इससे पानी का बहाव दोबारा रोकना पड़ा। लीकेज की जगह भरे पानी को निकालने के बाद बृहस्पतिवार को दोबारा मरम्मत का काम शुरू कराया गया।
सहायक नहर में पानी का बहाव न होने से किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है। जगतपुर के राकेश सिंह राना, सलोन के बिजवलिया निवासी आशीष पाठक, मटका निवासी अशोक कुमार ने बताया कि मौसम की बेरुखी से पर्याप्त बारिश भी नहीं हो रही है। ऐसे में सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी न मिल पाने से धान की फसल सूखने लगी है। सिंचाई विभाग रायबरेली खंड के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि मरम्मत के बाद पानी छोड़ा गया, लेकिन लीकेज पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया। ऐसे में पानी का बहाव रोककर पुन: मरम्मत का काम कराया जा रहा है। काम पूरा होते ही सहायक नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।