लखनऊ में हुए साथियों पर लाठीचार्ज के विरोध में दीवानी कचहरी के वकील गुरुवार को सड़क पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने कचहरी रोड जामकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने से अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। वादकारियों को सिर्फ तारीख लेकर बैरंग लौटना पड़ा।
सुबह सेंट्रल बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक बार अध्यक्ष रमेश कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई। इसमें लखनऊ के अधिवक्ता श्रवण वर्मा की हत्या का विरोध जताने उतरे वकीलों पर बर्बरतापूर्वक पुलिस लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया।
इसके बाद वकील कचहरी मुख्य गेट के सामने पहुंच गए। मानव श्रृंखला बनाकर करीब एक घंटे तक मार्ग जाम रखा। इससे राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
अधिवक्ता साथी के हत्यारों की गिरफ्तारी व एसएसपी व डीएम लखनऊ को हटाने की मांग की। बार के महामंत्री रामसजीवन चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को भी दीवानी कचहरी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
इस मौके पर अनंत मिश्र, अकबर अली, मधुरेंद्र वैश्य, विवेक राठौर, हरिश्चंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। महराजगंज-सलोन तहसील अधिवक्ता संघ ने सभागार में बैठक कर लखनऊ में साथी की हत्या और वकीलों पर लाठी चार्ज पर नाराजगी जताई।
अध्यक्ष सुरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि अधिवक्ताओं का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद वकीलों ने पूरे दिन काम-काज नहीं किया।
इस मौके पर विद्या सागर अवस्थी, दीपू अवस्थी, चंद्रोदय सिंह, राजेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। उधर, सलोन तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालता प्रसाद की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर विनय त्रिपाठी, राज कुमार गुप्ता, ओम प्रकाश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।