लैपटॉप सत्यापन कर सूची डीआईओएस कार्यालय में जमा नहीं करने वाले प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होना तय है। सीडीओ के निर्देश के बाद भी सूची नहीं देने पर डीआईओएस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सभी को हर हाल में 13 दिसंबर तक सूची कार्यालय में देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी लापरवाही मिलती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिले में वर्ष 2015 और 16 की बोर्ड परीक्षा में मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप मिलना है। इसके लिए शासन से 1631 छात्रों का लक्ष्य मिला है। इसमें यूपी बोर्ड, संस्कृत बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड और मदरसा बोर्ड के मेधावी शामिल है। योजना के तहत 2015 में हाईस्कूल उत्तीर्ण 394, इंटर के 425 छात्र, 2016 में हाईस्कूल के 419 और इंटर के 393 छात्रों को लैपटॉप दिया जाना है। साथ ही मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी गई।
इसमें हाईस्कूल 2015 के सामान्य, पिछड़ा वर्ग का 532, अल्पसंख्यक 513, अनुसूचित जाति 514, इंटर में सामान्य, पिछड़ा वर्ग 454, अल्पसंख्यक 437, अनुसूचित जाति 430 अंक तक के छात्राें को शामिल किया गया है। इसी तरह 2016 के हाईस्कूल में सामान्य, पिछड़ा वर्ग 537, अल्पसंख्यक 518, अनुसूचित जाति 519, इंटर में सामान्य, पिछड़ा वर्ग 459, अल्पसंख्यक 442, अनुसूचित जाति का 444 अंक तक के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
गौरतलब है कि 8 दिसंबर को सीडीओ ने बैठक कर 10 दिसंबर तक सत्यापन सूची देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अभी तक नहीं मिला है। इस पर डीआईओएस ने सभी को 13 तक अंतिम मौका देते हुए सूची उपलब्ध कराने को कहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विनय मोहन वन ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को सत्यापन सूची 10 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अभी तक नहीं मिला है। अंतिम मौका 13 दिसंबर तक का है। इसके बाद यदि कोई छात्र या छात्रा का नाम छूट जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य की होगी। लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।