रायबरेली। शहर से निकली ऐशबाग माइनर से फिर जिला जेल के खेतों की सिंचाई होने की उम्मीद बढ़ गई है। सात कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली आदेश के साथ ही बुधवार को 20 और कब्जेदारों के खिलाफ सुनवाई हुई। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने सुनवाई करते हुए कब्जेदारों को अंतिम बार अपना पक्ष कोर्ट को देने का मौका दिया। इसी माह कई और मुकदमों में बेदखली आदेश आने की उम्मीद है।
वर्ष 1917 में यह माइनर अस्तित्व में आई थी। कभी इस माइनर से जिला जेल में खेती होती थी। माइनर की लंबाई करीब 3.300 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद 92 कब्जेदारों के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पिछले अक्टूबर माह में मुकदमा किया गया था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मुकदमों में सुनवाई करते हुए सात कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली आदेश जारी किया है। 24 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। 85 अन्य कब्जेदारों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। बुधवार को 20 मामलों में पेशी हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने कब्जेदारों को अंतिम बार अपना पक्ष कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इसी माह मुकदमों की सुनवाई पूरी होने की उम्मीद है। पहले की तरह जेल के खेतों की सिंचाई होने की उम्मीद है। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया कि ऐशबाग माइनर पर कब्जे के मुकदमों में सुनवाई चल रही है। सात मामलों में बेदखली आदेश जारी किया गया है। शेष मुकदमों में भी जल्द ही आदेश किए जाएंगे।