सरेनी (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार की रात असलहों से लैस बदमाशों ने सराफा व्यवसायी और उसके बेटे को धमकाकर लाखों की कीमत के जेवरात और नकदी लूट ली। बदमाशों ने वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब पिता-पुत्र दुकान बंद करके घर जा रहे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने सराफा व्यवसायी की कनपटी पर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। लूट की वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, बदमाश फरार हो चुके थे।
सरेनी थाना क्षेत्र के विशायकपुर गांव निवासी प्रदीप कुमार की भूपगंज बाजार में प्रदीप ज्वैलर्स के नाम से सराफा की दुकान है। शाम करीब सात बजे प्रदीप दुकान बंद करके अपने बेटे अंश के साथ बाइक पर सवार होकर घर जा रहा था। जैसे ही दोनों पूरे कनपुरिया मजरे दुधवन गांव की नहर पटरी पर पहुंचे, वैसे ही बाइक खड़ी कर आपस में बात कर रहे तीन बदमाशों ने पिता-पुत्र को रोक लिया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, बदमाशों ने अंश की कनपटी पर असलहा लगा दिया।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाशों ने बाइक की डिग्गी के अंदर बैग में रखे 20 हजार रुपये की नकदी के अलावा चार लाख के सोने-चांदी के जेवर लूट लिये। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। पीड़ित प्रदीप की तहरीर पर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
सराफा व्यवसायी और उसके बेटे के साथ जिस तरह देर शाम लूट की घटना हुई, उसने सरेनी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कोतवाल इंद्रपाल सिंह अपराधियों पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं। घटना से स्थानीय व्यापारियों ने गहरी नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस की ढिलाई ही लूट की घटना की वजह बनी। कभी चोरी तो कभी लूट की घटनाएं होना आम बात हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई पर पुलिस अधीक्षक को एक्शन लेना चाहिए।
सराफा व्यवसायी और उसके बेटे के साथ हुई घटना की सूचना पर एसपी श्लोक कुमार ने स्वयं मोर्चा संभाला और घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ताल की। आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका। करीब चार घंटे तक एसपी क्षेत्र में ही रहे और बदमाशों की धरपकड़ के लिए सख्त निर्देश दिए। इस दौरान घटना पर एसपी ने नाराजगी भी जताई। एसपी ने बताया कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए सीओ लालगंज महिपाल पाठक की अगुवाई में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।