इलाहाबाद में माघ माह के स्नान में गंगा नदी में पानी की कमी को देखते हुए डलमऊ में पंप कैनाल को बंद कर दिया गया है। इससे चार ब्लॉक क्षेत्रों के 75 गांवों में सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है। सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसल सूख रही है।
खेती में लगातार नुकसान उठा रहे किसानों के माथे पर सिंचाई संकट की समस्या साफ झलक रही है। गेहूं उत्पादन को लेकर कृषक परेशान हैं। कहते हैं कि पानी नहीं मिला तो उत्पादन घट जाएगा।
इलाहाबाद में संगम में इस समय माघ माह का स्नान चल रहा है। इससे यहां पानी की ज्यादा जरूरत है। डलमऊ में गंगा नदी से निकली डलमऊ पंप कैनाल से डलमऊ, दीनशाह गौरा, रोहनिया और ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है।
गंगा नदी में पानी की कमी को देखते हुए सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने गंग नहर में पानी की आपूर्ति बंद करा दी। इसकी वजह से इन ब्लॉक क्षेत्रों के 75 गांवों के हजारों किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
नहरों और माइनरों में पानी नहीं है। ध्वस्त विद्युत आपूर्ति के चलते नलकूप चल नहीं पा रहे। डीजल इंजन के नलकूपों से सिंचाई मंहगी पड़ रही है। इसे लेकर कृषक परेशान हैं।
एनटीपीसी की आपूर्ति भी ठप
डलमऊ पंप कैनाल से दो नहरें निकलती हैं। एक से किसानों को और दूसरी से एनटीपीसी ऊंचाहार को पानी दिया जाता है। हालांकि शारदा सहायक से पर्याप्त पानी मिलने की वजह से एनटीपीसी में बिजली उत्पादन पर कैनाल के बंद होने का कोई असर नहीं पड़ रहा है, लेकिन अन्नदाताओं के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
अन्नदाताओं का साथ नहीं छोड़ रही सिंचाई समस्या
डलमऊ पंप कैनाल के बंद होने से किसान हताश हो गए हैं। जलालपुरधई के अनिल कुमार, धर्मापुर के हंसराज, बिशुनदासपुर के रज्जन मिश्र, सलेमपुर के राम आसरे कहते हैं कि सिंचाई की समस्या तो किसानों का साथ नहीं छोड़ रही है। पंप कैनाल बंद होने से मुश्किलें और गंभीर हो गई हैं। नलकूपों से सिंचाई हो नहीं पा रही। गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है।
एक सप्ताह और बंद रहेगी कैनाल
इलाहाबाद में माघ मास का स्नान चल रहा है। गंगा नदी में पानी कम होने से स्नानार्थियों को दिककत हो रही है। इसे देखते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश पर कैनाल बंद कर दी गई है। किसान धैर्य बनाए रखें। 12 फरवरी को कैनाल फिर से शुरू कर दी जाएगी। -सिद्धार्थ कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग